अल्मोड़ा: स्वास्थ्य को लेकर बड़ा फैसला, गुटखा और पान मसाले पर 1 साल का प्रतिबंध, मिठाइयों पर अब एक्सपायरी डेट लिखनी होगी जरूरी

​अल्मोड़ा: उत्तराखंड सरकार ने जन स्वास्थ्य और जनहित को ध्यान में रखते हुए दो महत्वपूर्ण और बड़े फैसले लिए हैं। राज्य में गुटखा और पान मसाले की बिक्री और निर्माण पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

आदेश जारी

साथ ही, अब मिठाइयों और बेकरी उत्पादों पर भी उनकी निर्माण और एक्सपायरी तिथि (उपयोग की अवधि) लिखना अनिवार्य होगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, इन दोनों ही फैसलों का उद्देश्य मिलावटखोरी और हानिकारक पदार्थों के सेवन को रोकना है, ताकि आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा हो सके।

​गुटखा और पान मसाले पर पूर्ण प्रतिबंध

​आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड के पत्र और भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के हवाले से जारी एक प्रेस नोट में कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री निषेध और प्रतिबंध) विनियम 2011 के तहत किसी भी खाद्य उत्पाद में निकोटीन और तंबाकू का उपयोग निषिद्ध है। चूंकि गुटखा और पान मसाला जैसे उत्पादों में इन हानिकारक तत्वों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसलिए जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड राज्य में इन पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक हो गया है। आदेश के मुताबिक, उत्तराखंड राज्य में अब तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा, पान मसाला या किसी भी अन्य नाम से बिकने वाले ऐसे खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध आदेश जारी होने की तिथि (23.10.2026) से अगले एक वर्ष तक लागू रहेगा।

​मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट हुई अनिवार्य

​सरकार का दूसरा बड़ा फैसला मिठाइयों और बेकरी उत्पादों को लेकर है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने यह पाया कि राज्य में कई स्थानों पर मिठाई और बेकरी उत्पादों के निर्माण और बिक्री में लापरवाही बरती जा रही थी और उपभोक्ता इन उत्पादों की उपयोग अवधि (एक्सपायरी डेट) को लेकर अनभिज्ञ रहते थे। मिठाई और बेकरी उत्पादों की प्रकृति और गुणवत्ता के आधार पर, उनकी उपयोग अवधि 01 से 30 दिन तक हो सकती है। लेकिन, दुकानदार ग्राहकों को यह जानकारी नहीं देते थे। इसे ध्यान में रखते हुए, आयुक्त ने सभी मिठाई निर्माताओं और खाद्य कारोबारियों को आदेश दिया है कि वे अपने मिठाई और बेकरी उत्पादों पर उनकी निर्माण तिथि और उपयोग की अवधि अनिवार्य रूप से लिखें। यह जानकारी पैक की गई मिठाइयों पर लिखी जाएगी। हालांकि, अभी खुली मिठाइयों/बेकरी उत्पादों के संबंध में कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता हित और व्यापक जनहित में यह व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि लोग बासी या खराब मिठाइयां न खाएं और बीमारियों से बचें।
​सहायक आयुक्त/अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, अल्मोड़ा द्वारा जिले के सूचना अधिकारी को ये प्रेस नोट सार्वजनिक हित में प्रमुखता से प्रकाशित करने का अनुरोध किया गया है।
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