अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। देहरादून में बेरोजगारों पर लाठी चार्ज की भर्त्सना करते हुए उत्तराखण्ड़ लोक वाहिनी ने इसकी तीव्र निन्दा की है तथा मांग की है कि सरकार बेरोजगार नवयुवको पर दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस ले तथा बार बार लीक हो रहे प्रतियोगी परिक्षाओं के पेपरो के लिये जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सी बी आई जांच की संस्तुति करे।
कहीं यह बात
वाहनी नेताओं ने कहा है की यदि सरकार वास्तव मे दोषियों के खिलाफ ईमानदारी से काम करना चाहती है तो उसे बेरोजगार संगठन की मांग को मान लेना चाहिये। उत्तराखण्ड़ लोक वाहिनी ने कहा कि उत्तराखंड में योग्य बेरोजगारो के साथ छलावा हो रहा है। राज्य बनने के बाद भाई भतीजावाद के नाम पर नौकरिया दी गई फिर नौकरी पा चुके लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, जिम्मेदार लोग आरोप प्रत्यारोपों मे समय व्यतीत कर रहे है , प्रदेश सरकार नौकरियों के नाम पर लीपा पोती कर रही है.यह हजारों बेरोजगारो के साथ घोर अन्याय है । राज्य बनने के बाद बनने वाली सरकारों ने पहाडी राज्य के औचित्य पर ही प्रश्नचिन्ह लगा दिया है ,लोगो की मूल समस्याओं पर सवाल जबाब के बजाय सत्ता पक्ष व विपक्ष बयानबाजी व अफसरशाही से मिलीभगत से भ्रष्टाचार मे लिप्त है । वही अल्मोड़ा वन प्रभाग डी एफ ओ द्वारा 19000 पेड़ो की कटान की संस्तुति भी उत्तराखंड की अस्मिता पर सवाल खड़े करती है।
यह लोग रहें उपस्थित
इस बैठक एड.जगत रौतेला की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई बैठक मे जंग बहादुर थापा,बिशन दत्त जोशी , रेवती बिष्ट, दयाकृष्ण कांडपाल, अजयमित्र सिंह बिष्ट ,कुणाल तिवारी आदि उपस्थित रहे।