अल्मोड़ा से जुड़ी खबर है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्मोड़ा दयाराम की अदालत ने जिला सहकारी बैंक लमगड़ा में 71 लाख रुपये से अधिक के गबन के दो मामलों में कैशियर को छह साल कारावास और डेढ़ लाख अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
जानें पूरा मामला
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता बीपी टम्टा, कुंवर सिंह बिष्ट, राजेश आर्य और योगेंद्र नयाल ने जानकारी दी कि वर्ष 2018 में कृषि ऋण समिति मोतिया पाथर के सचिव संदीप नैनवाल ने तत्कालीन कैशियर जीवन सिंह निवासी उज्योला लमगड़ा के खिलाफ 44,85,400 रुपये के गबन का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी। तहरीर के मुताबिक कैशियर ने कृषि ऋण वसूली का पैसा बैंक में जमा नहीं कराया और इसका गबन कर दिया। वहीं इसी वर्ष जिला सहकारी बैंक अल्मोड़ा के उप महाप्रबंधक रामविलास सिंह ने भी लमगड़ा थाने पहुंचकर कैशियर पर 26,53,725 रुपये के गबन का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। तब उसके खिलाफ धारा 409, 409, 420, 467, 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया।
कोर्ट का आदेश
तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था जिस पर बीते कल गुरुवार को फैसला आया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्मोड़ा दयाराम ने सभी पक्षों और गवाहों को सुनने के बाद कैशियर को दोनों मामलों में गबन का दोषी करार देते हुए छह वर्ष कारावास और डेढ़ लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में 32 गवाह पेश किए गए।