अल्मोड़ा पुलिस की बड़ी कामयाबी, 2 साल से फरार 10 हजारी इनामी अपराधी पिथौरागढ़ से हुआ गिरफ्तार

अल्मोड़ा: एसएसपी अल्मोड़ा के सख्त रुख और पुलिस की पैनी नजर के चलते जनपद पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दन्या पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने ठिकाने बदल-बदल कर पुलिस को चकमा दे रहे एक शातिर मफरूर (फरार अपराधी) को पिथौरागढ़ से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

​जानें क्या है पूरा मामला

​गिरफ्तार अभियुक्त कौशिक बनौला (पुत्र पूरन सिंह), निवासी ग्राम बानठोक, भनोली (धौलछीना), धारा 420/467/468/471 आईपीसी के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में वर्ष 2024 से लगातार फरार चल रहा था। माननीय न्यायालय अल्मोड़ा द्वारा उसे मफरूर घोषित किया गया था। एसएसपी चंद्रशेखर घोडके के निर्देशों पर जनपद में वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया था। थानाध्यक्ष दन्या दिनेश नाथ महंत और एसओजी प्रभारी सुनील धानिक के नेतृत्व में टीम को सूचना मिली कि अभियुक्त अपनी पहचान छुपाकर पिथौरागढ़ में छिपा हुआ है। आज दिनांक 08 अप्रैल 2026 को पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिथौरागढ़ रोडवेज बस स्टेशन के पास स्थित हरिओम होटल में दबिश दी और अभियुक्त को धर दबोचा।

पूछताछ में खुलासा

​पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले दो सालों से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। वह किसी निजी काम के सिलसिले में पिथौरागढ़ पहुंचा था और वहां एक होटल में ठहरा हुआ था, जहाँ पुलिस की सतर्कता ने उसकी चालाकी को नाकाम कर दिया।

पुलिस टीम को मिला इनाम

​एसएसपी अल्मोड़ा ने पुलिस टीम की इस तत्परता और कार्यकुशलता की सराहना करते हुए पूरी टीम को 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

पुलिस टीम रहीं शामिल

टीम में दिनेश नाथ महंत (थानाध्यक्ष दन्या), उपनिरीक्षक सुनील धानिक (प्रभारी एसओजी), कांस्टेबल जगत सिंह (थाना दन्या), कांस्टेबल राकेश भट्ट (एसओजी) व कांस्टेबल राजेश भट्ट (एसओजी) शामिल रहें।