अल्मोड़ा: देश के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत के जन्मस्थान हवालबाग विकासखंड को जोड़ने वाले मोटर मार्ग लंबे समय से बदहाली का दंश झेल रहे हैं।
जनता में गहरा रोष
करोड़ों रुपये की वित्तीय स्वीकृतियों के बावजूद बीते कई वर्षों से ये सड़कें अधूरी पड़ी हैं, जिससे स्थानीय जनता में गहरा रोष है।
इस गंभीर समस्या को लेकर अल्मोड़ा के वरिष्ठ अधिवक्ता कवीन्द्र पंत ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को पुनः स्मारक पत्र (रिमाइंडर) भेजकर सड़कों के त्वरित निर्माण और डामरीकरण की मांग की है। इससे पूर्व 07 जुलाई 2026 को भी इस संबंध में ज्ञापन दिया गया था, लेकिन धरातल पर स्थिति अब तक जस की तस बनी हुई है।
अधूरी सड़कों और वित्तीय स्थिति का ब्योरा
• खूंट-धामस-मटेला-रेखलधार-चम्पा मोटर मार्ग (13 किमी): 09 किमी पीएमजीएसवाई और 04 किमी लोनिवि प्रांतीय खंड के अधीन। सितंबर 2013 में ₹257.87 लाख की लागत से शुरू हुआ कार्य 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरा है।
• खूंट महारूद्रेश्वर मोटर मार्ग (3 किमी): मार्च 2015 में स्वीकृत लोनिवि की इस सड़क पर 11 वर्षों में केवल ढाई किमी निर्माण ही हो सका है। आधा किमी कार्य अटका है, जबकि डामरीकरण के लिए स्वीकृत ₹125.24 लाख में से ₹104.13 लाख खर्च किए जा चुके हैं।
• शीतलाखेत स्याहीदेवी बागीचा मोटर मार्ग (3.80 किमी): वर्ष 2016 में स्वीकृत और 2021 में शुरू हुआ यह पीएमजीएसवाई मार्ग टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने से 5 वर्षों से कच्चा पड़ा है। 08 जनवरी 2026 को इसके डामरीकरण के लिए ₹562.94 लाख स्वीकृत होने के बावजूद कार्य अधर में है।
की यह मांग
जिस पर अधिवक्ता कवीन्द्र पंत ने जिलाधिकारी से इन सड़कों का कार्य जल्द पूरा कराने और खूंट-धामस-मटेला मार्ग से ग्राम अघार, टकौली, कूलू होते हुए ऐतिहासिक महारूद्रेश्वर मंदिर तक नए मोटर मार्ग का प्रस्ताव तैयार कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की है।