अल्मोड़ा: आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार किसी का जीवन बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है। इसी उद्देश्य के साथ, शुक्रवार को गांधी इंटर कॉलेज पनुवानौला में एसडीआरएफ (SDRF) टीम द्वारा एक दिवसीय ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ का आयोजन किया गया।
आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण
कंपनी कमांडर राजीव जोशी के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम सरियापानी ने छात्र-छात्राओं और विद्यालय स्टाफ को आपदा प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण के दौरान टीम ने बताया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ (प्रथम उत्तरदाता) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
प्रशिक्षण के अंतर्गत प्राथमिक चिकित्सा (First Aid), सीपीआर (CPR), एफबीएओ (FBAO – गले में फंसी वस्तु निकालने की तकनीक) जैसी जीवनरक्षक विधियों का व्यवहारिक अभ्यास कराया गया। इसके अतिरिक्त, घायलों को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने हेतु मूविंग एवं लिफ्टिंग तकनीक, उपलब्ध संसाधनों से वैकल्पिक स्ट्रेचर तैयार करने के तरीके, तथा सड़क सुरक्षा (Road Safety) के नियमों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही “गुड समैरिटन” (Good Samaritan) के प्रावधानों के बारे में भी अवगत कराया गया, बिना किसी भय के सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता करने हेतु प्रेरित किया गया।
अल्मोड़ा: SDRF ने छात्रों को सिखाए जीवन रक्षा के गुर, ‘गुड समैरिटन’ बन घायलों की मदद के लिए किया प्रेरित