अल्मोड़ा: घोड़े में चढ़े दूल्हे को जबरन उतारा गया, दूल्हा बना जातिगत भेदभाव का निशाना

अल्मोड़ा में जातीय भेदभाव का मामला प्रकाश में आया है । जिस पर पीड़ित के परिजनों ने मामले को लेकर शिकायत अल्मोड़ा डीएम एससी एसटी  आयोग राजयपाल और पीएम मोदी तक की है ।

जानें पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार सल्ट तहसील के ग्राम थला तड़ियाल (मौडाली) में कुछ सवर्णों पर अनुसूचित जाति के दूल्हे को घोड़े से उतारने की कोशिश करने और बारात रोकने का आरोप लगा है। इस संबंध में दूल्हे के पिता और अन्य लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप आरोपियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है। एसडीएम के निर्देश पर राजस्व पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि ग्राम प्रधान इस इस मामले को जातिगत होने के आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं।

सल्ट एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

ग्राम थला तड़ियाल निवासी दर्शन लाल ने मंगलवार को सल्ट एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। दर्शन लाल ने बताया कि सोमवार को उनके पुत्र विक्रम कुमार का विवाह हुआ। दर्शन लाल ने आरोप लगाया कि गांव के मजबाखली के कुछ पुरुष और महिलाओं ने बारात रोक ली थी। आरोप लगाया कि उन ग्रामीणों ने अनुसूचित जाति का होने के कारण दूल्हे को जबरन घोड़े से उतारने की कोशिश की। दर्शन का आरोप है कि उन सवर्ण ग्रामीणों ने दूल्हे को घोड़े से नहीं उतारने पर बारातियों को मारने की भी धमकी दी। साथ ही उन्होंने उनसे जाति सूचक शब्दों का भी प्रयोग किया। दूल्हे के पिता ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

ये रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रेम राम, आनंद प्रकाश, महेश चंद्र, चिंता राम, गणेश राम, देव राम आदि शामिल रहे।

राजस्व विभाग की टीम मामले की जांच में जुट गई

वहीं गौरव पांडे, एसडीएम सल्ट ने कहा कि इस मामले में दूल्हे के पिता ने ज्ञापन सौंपा है। राजस्व विभाग की टीम मामले की जांच में जुट गई है। जांच के बाद ही सच्चाई का पता लग पाएगा।