अल्मोड़ा जिले से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड छात्र संगठन की यहां हुई बैठक में उत्तराखंड छात्र संगठन ने शिक्षा के निजीकरण और बाजारीकरण का घोर विरोध करते हुए कहा कि उ.छा.स. समान शिक्षा के लिए संघर्ष करता आ रहा है तथा आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा। इसके साथ ही उ.छा.स विश्वविद्यालयों स्कूलों में अव्यवस्था को दूर करने, कक्षाओं के नियमित संचालन और पाठ्य पुस्तकों की कमी दूर करने के लिए प्रयास करेगा।
बेरोजगार युवा बढ़ रहे हैं नशे की तरफ
उ.छा.स के नेताओं ने कहा कि सभी के लिए समान, निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ना होने के कारण आज देश में बहुपर्ती व महंगी शिक्षा के कारण आज छात्रों और नौजवानों का भविष्य संकट में आ गया है। बहुपर्ती शिक्षा ने बहुपर्ती समाज को जन्म दिया है। आज देश में और राज्य में बढ़ती बेरोजगारी युवाओं के भविष्य को अंधकारमय कर दिया है जिसके कारण आज युवा और छात्र डिप्रेशन और नशे की लत का शिकार हो रहे हैं।
भारती पांडे को संयोजक के रूप में चुना गया
यहां आयोजित बैठक में उ.छा.स की संयोजन समिति का गठन किया गया। भारती पांडे को संयोजक के रूप में चुना गया। संयोजन समिति में पीएचडी स्कॉलर भारती, दीपांशु, भास्कर भौर्याल, विद्या कनवाल, नाजिम अली, राकेश बाराकोटी शामिल हैं।