उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं विज्ञान संकाय सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर अल्मोड़ा के संयुक्त तत्वाधान में उद्यमिता विकास पर आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि प्रो. पी. एस. बिष्ट आधिष्ठाता प्रशासन द्वारा अपने संबोधन में यह आवश्यक बताया कि उद्योगों एवं विश्वविद्यालयों में पारस्परिक संबंध होना अति आवश्यक है ।
उत्तराखण्ड के परिप्रेक्ष्य में रोजगार सृजन संबंधित घंटी लघु इकाईयों के प्रस्ताव पर व्याख्यान केन्द्रित करने का अनुरोध किया गया
कार्यशाला के संयोजक प्रो. एन.डी. काण्डपाल द्वारा कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए यह स्पष्ट किया कि कार्यशाला के मुख्य वक्ता श्री सुधीर कुमार तिवारी अर्थशास्त्र सलाहाकार भारत सरकार एवं ग्रामीण शहरी प्रगति की मंत्रालय के सलाहाकार है तथा विशिष्ट व्याख्यान उद्योग जगत के राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत जनरल मैनेजर जाइडम वैलनेस प्रोडेक्ट ली० नई दिल्ली है दोनों वक्ताओं से उत्तराखण्ड के परिप्रेक्ष्य में रोजगार सृजन संबंधित घंटी लघु इकाईयों के प्रस्ताव पर व्याख्यान केन्द्रित करने का अनुरोध किया गया, श्री तिवारी द्वारा अल्मोडा नगर को एक आदेश नगर बनाने एवं उत्तराखण्ड के परिप्रेक्ष्य में उद्यमिता के व्यवहारिक उपयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसमें सामाजिक जागरुकृता एवं सामूहिक रूप से परिश्रम की कार्यप्रणाली विकसित करना समय की आवश्यकता है ।
रोजगार के लिए सहयोग प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया गया
जाइडस वेलनेस कम्पनी के मैनेजर डॉ कौशल द्वारा छात्र-छात्राओं को कम्पनी की ओर से रोजगार के लिए सहयोग प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया गया कि वे अपने विषय एवं नयी तकनीक में पारंगता प्राप्त करें, उनके द्वारा उनकी इकाई सितारगंज में विज्ञान संवर्ग अथवा उद्योग, व्यापार में रूचि रखने वाले विद्यार्थीयों को उद्योग का शैक्षिक रूप से भ्रमण हेतु आमंत्रित किया है तथा विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों को इससे संदर्भित पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण तैयार कर विश्वविद्यालय के स्तर से प्रस्ताव तैयार कर प्रेक्षित करने का आवहान भी किया गया।
क्षेत्र के विकास के लिए क्षेत्रीय बुद्धिजीवियों के सहयोगी को आवश्यक बताया
कार्यशाला के चेयरमैन प्रो. एच. सी. जोशी विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र द्वारा इस संबंध में सभी पक्षों और स्तरों पर विचार विमर्श उपरान्त कार्यवाही करने के आश्वासन से डां० कौशल का आभार व्यक्त किया गया एवं श्री सुधीर तिवारी द्वारा भी इसमें सहयोग के लिए डा० जोशी को आश्वासन दिया ।
प्रो. अनिल जोशी द्वारा अपने वक्तव्य में क्षेत्र के विकास के लिए क्षेत्रीय बुद्धिजीवियों के सहयोगी को आवश्यक बताया, प्रो. शेखर जोशी द्वारा इस कार्यशाला के पश्चात प्रशासनिक इकाईयों के साथ वार्ता प्रस्तावित की ।
मौजूद लोग
कार्यशाला का संचालन डॉ दीपक कुमार टम्टा आरगनाइजिंग सेकेटरी, डॉ विजेता सत्याल, डॉ आरती परिहार द्वारा किया गया, आयोजक मंडल के सभी सदस्यों द्वारा कार्यशाला के निष्कर्ष को कार्यरूप देने के लिए विशेष बैठक एवं परिचर्चा प्रस्तावित की गई है जिसका दायित्व डॉ. मुकेश सामंत, डॉ. आर.सी., मौर्या डा. भुवन चन्द्र, डा. धनी आर्य की एक संयुक्त समिति प्रस्तावित की गयी, कार्यशाला में डा० प्रतिभा नेगी उच्च शिक्षा विभाग, डॉ. रश्मि सेलवाल बागेश्वर, डॉ. लक्ष्मी वर्मा, सरोजनी रवि कुमार, डॉ. अरविन्द पाठक सिडकुल, डा. लता आर्या एस. एस. जे. परिसर आदि मुख्य रूप से रहें । बैठक में प्रो. इला बिष्ट प्रो. वी. डी. एम. नेगी प्रो.निर्मला पंत, डा प्राची वर्मा, डा. राजेन्द्र श्री अंशुल कुमार, डा. प्रीति आर्या, प्रो. अरविन्द अधिकारी, गोकुल देउपा, डां-प्रेमा खाती, डॉ. नीता भारती, डॉ राजेश कुमार आदि सहित शोध द्वारा अमित जोशी, मोहित रवर्कवाल रश्मि गीताजंली देवेश के अतिरिक्त लगभग 100 स्नातकोत्तर के विद्यार्थीयों ने भागीदारी की ।