अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जनपद की बेटी मंजू नयाल ने खेल जगत में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। हवालबाग विकासखंड के सिलंगिया गांव की निवासी मंजू नयाल ‘कुराश’ खेल में भारत की पहली ‘थ्री-स्टार’ अंतरराष्ट्रीय रेफरी बन गई हैं।
पास की यह परीक्षा
मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने उज़्बेकिस्तान में आयोजित कठिन अंतरराष्ट्रीय रेफरी परीक्षा को उत्तीर्ण कर यह उपलब्धि हासिल की है। मंजू का बचपन सिलंगिया गांव में बीता, लेकिन पिता स्वर्गीय बचन सिंह नयाल के साथ दिल्ली जाने के बाद उन्होंने खेल के क्षेत्र में अपने करियर को नई दिशा दी। उन्होंने एम.पी.एड., बी.पी.एड. और योग शिक्षा में पीजीडी की डिग्री हासिल की है। वर्तमान में वह गाजियाबाद स्थित ‘गुरुकुल द स्कूल’ में कोआर्डिनेटर के पद पर कार्यरत हैं और वहीं निवास करती हैं।
मंजू नयाल की खेल यात्रा व संघर्ष
• 2023: बी-लाइसेंस कोच बनीं और 1-स्टार अंतरराष्ट्रीय रेफरी की योग्यता प्राप्त की।
• 2025: 2-स्टार अंतरराष्ट्रीय रेफरी का दर्जा हासिल किया।
• 2026: भारत की पहली महिला 3-स्टार अंतरराष्ट्रीय रेफरी बनीं।
• इसके अलावा, उन्होंने 2024 में कजाकिस्तान के ‘नोमैड गेम्स’ और रूस के ‘चिल्ड्रेन ऑफ एशिया गेम्स’ में अपनी रेफरी की भूमिका निभाई।
• 2025 में बहरीन में आयोजित तीसरे एशियन यूथ गेम्स में भी उन्होंने रेफरी के रूप में जिम्मेदारी संभाली। साथ ही, 2015 में चीनी ताइपे में जूनियर एशियन कुराश चैंपियनशिप में भारतीय टीम की कोच के रूप में भी देश का प्रतिनिधित्व किया।