बागेश्वर: अदालत का फैसला, चेक बाउंस के दो अलग-अलग मामलों में सुनाई यह सजा

बागेश्वर से जुड़ी खबर सामने आई है। बागेश्वर में न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज पुनीत कुमार की अदालत ने चेक बाउंस के दो अलग-अलग मामलों में एक अभियुक्त को छह-छह महीने की सजा सुनाई है। साथ ही दो लाख, 46 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। 20 हजार की राशि राज्य सरकार के खाते में भी डालने होंगे। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।

चेक बाउंस का मामला

बताया कि प्रवीण कुमार तिरुवा पुत्र प्रेम राम निवासी बीएसएनएल टावर के पास कपकोट ने भीड़ी निवासी योगेश पांडे निवासी भीड़ी दफौट हाल मंडलसेरा बागेश्वर निवासी से वर्ष 2017 में भवन निर्माण कार्य का हवाला देते हुए दो लाख, 26 हजार रुपये नगद लिए थे। आरोपी ने वर्ष 2018 में दो लाख, 26 हजार का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद मामला न्यायालय में पहुंचा। इसके बाद आरोपी ने वर्ष 2021 में न्यायालय में एक लाख रुपये जमाकर राजीनामा किया। एक लाख, 26 हजार का चेक जारी किया। यह चेक भी बाउंस हो गया।

लगाया अर्थदंड

इस मामले में सिविल जज की अदालत ने आरोपी को एक लाख, 26 हजार का अर्थदंड लगाया है। साथ ही छह महीने की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये की राशि राज्य सरकार के खाते में डालने के निर्देश दिए।

अदालत ने दिए यह आदेश

एक अन्य मामले में आरोपी प्रवीण तिरुवा ने प्रकाश चंद्र मिश्रा से भी भवन निर्माण के लिए वर्ष 2017 में तीन लाख, 32 हजार रुपये नगद लिए। बाद में उक्त राशि का चेक दे दिया। यह चेक बाउंस हो गया। मामला न्यायालय तक पहुंचा। यहां भी आरोपी ने राजीनामा कर एक लाख नगद दिया और बांकी राशि के दो चेक 2020 व 2021 के दिए। दोनों ही चेक बाउंस हो गए। मामला फिर से न्यायालय में पहुंचा। इस मामले में भी अदालत ने आरोपी को एक लाख, दस हजार का अर्थदंड व छह महीने की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये राज्य सरकार के खाते में डालने को कहा है।

की पैरवी

अभियोजन की ओर से चंद्रशेखर मिश्रा और नंद किशोर भट्ट ने पैरवी की।