बागेश्वर से जुड़ी खबर सामने आई है। 9 नवंबर 2021 को रात ग्राम अमोली, कौसानी में एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर शव को दफना दिया था। आरोपी पति के खिलाफ दर्ज मुकदमे में फैसला सुनाते हुए जिला सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे ने हत्या के बाद शव को दफाना कर साक्ष्य मिटाने पर अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
9 नवंबर 2021 की घटना, जानें पूरी घटना
घटना नौ नवंबर 2021 की रात ग्राम अमोली, कौसानी की है। 38 वर्षीय अभियुक्त जगदीश राम पुत्र गोपाल राम का अपनी पत्नी दीपा देवी से झगड़ा हुआ। रात लगभग 11 बजे पत्नी घर से बाहर निकल गई। पीछे से वह भी चला गया। घर के नीचे खेत में उसने दीपा को पकड़ लिया और सिर पर पत्थर मार दिया। जिससे उसकी मृत्यु हो गई। उसके बाद अभियुक्त घर गया। वहां से एक चादर लेकर शव बांधकर उसे गेधेर में ले गया और वहां दफना दिया। मृतका का मोबाइल कार्ड भी तोड़ दिया और उसके कपड़ों को झाड़ी में छुपा दिया। उसके मायके में फोन से सूचना दी कि वह कहीं चली गई है। 18 नवंबर को गांव की लीला देवी, लता देवी, मुन्नी देवी आदि भौसिया सिमार गधेरे में घास काटने गईं थी। उन्हें बाल बिखरे हुए और मक्खियां भिनकते दिखीं। वह भयभीत हो गईं। जिसकी सूचना ग्राम प्रधान को दी और पुलिस ने शव बरामद किया। जिसकी शिनाख्त दीपा देवी पत्नी जगदीश राम के रूप में हुई। 20 नवंबर को कौसानी थाने में मृतका के भाई सूरज कुमार ने प्राथमिकी दी।
पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी साबित हुआ दोषसिद्ध
पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर चादर, पत्थर और मृतका के कपड़े बरामद किए। न्यायालय में आरोपत्र प्रेषित किया। अभियोजन के पक्ष से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता गोविंद बल्लभ उपाध्याय और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने 17 गवाह परीक्षित कराए। जिला सत्र न्यायाधीश ने गवाहों के बयानों, एफएसएल रिपोर्ट, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दोषसिद्ध किया।
अर्थदंड नहीं देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा
धारा 302 में अभियुक्त को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये का जुर्माना जबकि 201 में साक्ष्य छुपाने पर दो वर्ष और 10 हजार रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर आरोपी पति को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।