बागेश्वर: गुलदार के हमले से महिला की मौत की हुई पुष्टि, आई रिपोर्ट, परिजनों को मिलेगा 10 लाख का मुआवजा


बागेश्वर: बागेश्वर जिले के कांडा तहसील अंतर्गत बांजीरौट गांव में कमला देवी की मौत गुलदार के हमले में हुई थी। इस मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

गुलदार के हमले में हुई थी मौत

मिली जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) की जांच रिपोर्ट में वन्यजीव संघर्ष (Wildlife Conflict) के तहत महिला की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। रिपोर्ट के आधार पर वन विभाग ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना के बाद पुलिस और वन विभाग ने नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया और विभाग ने महिला के ब्लड सैंपल जांच के लिए देहरादून स्थित वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) को भेजे थे। एक सप्ताह बाद प्राप्त हुई पोस्टमार्टम और WII की संयुक्त रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया है कि कमला देवी की मौत वन्यजीव (गुलदार) के हमले के कारण ही हुई थी। रिपोर्ट सामने आते ही वन विभाग ने पीड़ित परिवार को राहत राशि देने के लिए कागजी कार्रवाई तेज कर दी है।

दिया जाएगा मुआवजा

दरअसल बीती 4 अगस्त को बांजीरौट गांव निवासी 48 वर्षीय कमला देवी (पत्नी पूरन राम) गांव की व्यवस्था के तहत करीब 19 परिवारों के 50 से अधिक मवेशियों को चराने के लिए जंगल गई थीं। तभी झाड़ियों में घात लगाकर बैठे गुलदार ने अचानक कमला देवी पर हमला कर दिया। महिला की चीख-पुकार सुनकर उनके पति और साथ मौजूद पंकज राम तुरंत मौके की तरफ दौड़े। दोनों को अपनी ओर आते देख गुलदार जंगल की तरफ भाग निकला, लेकिन तब तक गंभीर रूप से घायल हो चुकीं कमला देवी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) आदित्य रत्न ने बताया कि रिपोर्ट में वन्यजीव संघर्ष की पुष्टि होने के बाद पीड़ित परिवार को जल्द ही 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि का चेक सौंप दिया जाएगा।