8 मार्च: अंतराष्ट्रीय महिला दिवस: नारी दिवस पर खुशनुमा परवीन की स्वरचित कविता
आज की नारी सब में भारी, आज की नारी सब में भारी, ओलंपिक में जीती भारतीय नारी, पुरुषों को छोड़ा पीछे दिखाया अपना दम, भारतीय नारी को न समझो किसी से कम, आज की नारी सब में भारी, नारीयों की शक्ति से चमकता देश हमारा, अब इससे बड़ा सौभाग्य क्या…