गालिब जिसे पढ़ना नसीब नहीं हुआ, उसे इतिहास में सर्वाधिक पढ़ा गया- शायरी के उस्ताद मिर्जा गालिब की पुण्यतिथि पर विशेष
ऐसा भी कोई होगा जो गालिब को न जानता हो …. विशेषकर उत्तर भारत के लोग। खैर, जो नहीं जानते हैं उनके लिए स्वयं गालिब का ये जवाब हाजिर है – “पूछते हैं वो कि ‘ग़ालिब’ कौन हैकोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या” गालिब जिन्होंने जीवन पर्यंत शेर औ’ शायरी को…