देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान के लिए चुना गया, लेकिन पुरस्कार लेने के लिए दिल्ली तक जाने के पैसे नहीं..
“साहिब-दिल्ली आने तक के पैसे नही है कृपया पुरुस्कार डाक से भिजवा दो!”, ये शब्द हैं उस गरीब दलित महाकवि के जिन्हें हाल ही में भारत के राष्ट्रपति द्वारा देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाज़ा गया है। अपनी लिखी हुई कविताएं और 20 महाकाव्य मुँह जबानी…