उत्तराखंड: चारधाम यात्रा 2026: जाम और भूस्खलन से निपटने को ‘प्लान-B’ तैयार, एक क्लिक में पढ़िए पूरी खबर

उत्तराखंड: अप्रैल माह से चारधाम यात्रा शुरू हो रहीं हैं। चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

चारधाम यात्रा

इसी क्रम में बीते बुधवार को सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई।‌‌ जिसमें मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने यात्रा मार्ग पर यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन को लेकर सभी संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दिए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्ग बाधित होने की स्थिति में यात्रियों को रोकने के लिए बड़े ‘होल्डिंग एरिया’ चिह्नित किए जाएंगे। इन क्षेत्रों में यात्रियों के लिए भोजन, पानी और रुकने के संपूर्ण प्रबंध किए जाएंगे ताकि किसी को असुविधा न हो। मौसम और ट्रैफिक की जानकारी यात्रियों के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर SMS के माध्यम से भेजी जाएगी।‌ सभी श्रद्धालुओं के लिए ‘सचेत ऐप’ डाउनलोड करना अनिवार्य होगा, जिससे उन्हें आपदा या मार्ग अवरुद्ध होने की तत्काल सूचना मिल सके। आपदा प्रबंधन विभाग के अलर्ट सिस्टम का उपयोग यात्रियों को पल-पल की जानकारी देने के लिए किया जाएगा।

दिए यह निर्देश

हेली सेवाओं की बुकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से होगी। इमरजेंसी के लिए भी हेलीकॉप्टर तैयार रखे जाएंगे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को साफ कहा है कि पेट्रोल-डीजल की कमी न हो और यात्रियों को हर जरूरी जानकारी समय पर मिलती रहे। सरकार का लक्ष्य है कि इस बार श्रद्धालुओं को बिना किसी रुकावट के दर्शन मिल सकें।