बांग्लादेश की राजधानी ढाका के नजदीक कल एक जूस फैक्टरी में आग लगने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है। मलबे से 49 शव निकाले जा चुके हैं। शुरूआती खबरों के अनुसार तीन लोगों की मौत आग से बचने के लिए इमारत से कूदने से हुई। हादसे में 50 से अधिक लोग झुलस गए हैं । फिलहाल बचाव और राहत कार्य जारी है। आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
कल देर शाम एक छह मंजिला इमारत में आग लग गयी थी
ढाका के नजदीक नारायण गंज के रूपगंज इलाके में कल देर शाम एक छह मंजिला इमारत में आग लग गई थी। इसमें जूस की फैक्टरी थी। मिली जानकारी के अनुसार आग ग्राउंड फ्लोर से फैली है। ऊपर की मंजिलों में आग ने वहां जमा प्लास्टिक और रसायनों के कारण भयानक रूप ले लिया।
आग से सुरक्षा के लिए नहीं थे इंतज़ाम
आग पर आज तड़के काबू पा लिया गया। घायलों को ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल और रूपगंज के यूएस बंग्ला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया है।, समाचार एजेंसी यू.एन.बी. ने अधिकारियों के हवाले से कहा है कि आग पर आज तड़के काबू पा लिया गया, लेकिन इमारत में फंसे को निकालने का काम जारी है।इमारत में आग बुझाने के लिए 18 गाड़ियां लगी हुई हैं । इसके अनुसार लोग अपने उन प्रियजनों की तलाश में इमारत के सामने एकत्र हो गए हैं, जो अभी भी लापता हैं, लापता लोगों में से 44 श्रमिकों की पहचान की पुष्टि की गई है । हादसे में बचाए गए मजदूरों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया है कि आग लगने के वक्त फैक्ट्री का निकास गेट बंद था यहां तक कि इमारत में आग से सुरक्षा के कोई कड़े इंतजाम नहीं किए गए थे।
38 लापता लोगों की सूची तैयार की
आठ घायलों को ढाका मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती किया गया है। घायलों और मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती है क्योंकि फैक्ट्री में बड़ी संख्या में कामगार कार्य करते हैं। पुलिस ने आग लगने की घटना के बाद 38 लापता लोगों की सूची तैयार की।