जानें फरवरी माह में कब है आमलकी एकादशी, स्वर्ग और मोक्ष प्राप्ति की कामना रखने हेतु मानी जाती है सर्वश्रेष्ठ, जानें तिथि व शुभ मुहूर्त

आज हम आमलकी एकादशी की जानकारी देंगे। जो फरवरी माह में पड़ रही है। आमलकी एकादशी 27 फरवरी को पड़ रही है। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का खास महत्व माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, एक साल में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं। इन्हीं में से एक है आमलकी एकादशी, जो फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आती है। इस एकादशी का व्रत सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस साल 27 फरवरी को आमलकी एकादशी है।

जानें शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 27 फरवरी को रात 12:33 बजे शुरू होकर उसी दिन रात 10:32 बजे तक रहेगी. ऐसे में साल 2026 में यह व्रत 27 फरवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा. उदय तिथि के अनुसार इसी दिन व्रत मान्य रहेगा।
पारण का समय- व्रत का पारण 28 फरवरी को सुबह 6:47 बजे से 9:06 बजे के बीच किया जाएगा।

ऐसे करें पूजन

पदम पुराण के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी के साथ-साथ आंवले के वृक्ष की पूजा का खास विधान है। आमलकी एकादशी के दिन सुबह स्नान करके भगवान विष्णु की प्रतिमा के समक्ष हाथ में तिल, कुश, मुद्रा और जल लेकर संकल्प करें तत्पश्चात ‘ भगवान की पूजा करें।भगवान की पूजा के पश्चात पूजन सामग्री लेकर आंवले के वृक्ष की पूजा करें। सबसे पहले वृक्ष के चारों की भूमि को साफ करें और उसे गाय के गोबर से पवित्र करें। पेड़ की जड़ में एक वेदी बनाकर उस पर कलश स्थापित करें। इस कलश में देवताओं, तीर्थों एवं सागर को आमंत्रित करें। कलश में सुगंधी और पंच रत्न रखें। इसके ऊपर पंच पल्लव रखें फिर दीप जलाकर रखें। कलश पर श्रीखंड चंदन का लेप करें और वस्त्र पहनाएं।अंत में भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें और विधिवत रूप से विष्णु जी की पूजा करें। रात्रि में भगवत कथा व भजन कीर्तन करते हुए प्रभु का स्मरण करें। द्वादशी के दिन सुबह ब्राह्मण को भोजन करवा कर दक्षिणा दें और इसके बाद अन्न ग्रहण करें।