01 अप्रैल 2026 से लागू होंगे 4 नए लेबर कोड, ग्रेच्युटी नियमों में यह बड़ा बदलाव​

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों मजदूरों और कर्मचारियों के लिए 29 पुराने श्रम कानूनों को मर्ज कर 4 नए लेबर कोड (वेजेज, इंडस्ट्रियल रिलेशंस, सोशल सिक्योरिटी और OSHWC) तैयार किए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे।

होंगे यह बदलाव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य गिग वर्कर्स, प्रवासी मजदूरों और महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा और बेहतर वेतन की गारंटी देना है। जिसमें अब नौकरी छोड़ने, निकाले जाने या लेऑफ की स्थिति में कंपनियों को 48 घंटे के भीतर कर्मचारी का पूरा बकाया (सैलरी, बोनस, ग्रेच्युटी) चुकाना होगा। वर्तमान में इसमें 45 दिन तक का समय लगता है।फिक्स्ड-टर्म या कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के लिए अब 5 साल के बजाय मात्र 1 साल की सेवा के बाद ही ग्रेच्युटी की पात्रता होगी। टैक्स-फ्री ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। भुगतान में देरी होने पर कंपनी को 10% सालाना ब्याज देना होगा। वहीं जोमैटो, स्विगी और उबर जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए काम करने वाले ‘गिग वर्कर्स’ को पहली बार हेल्थ इंश्योरेंस, एक्सीडेंट कवर और लाइफ इंश्योरेंस जैसी सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। नए लेबर कोड न केवल कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ाएंगे, बल्कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों को भी पहली बार कानूनी सुरक्षा के दायरे में लाएंगे।