आज 14 सितंबर 2026 है। आज गौरी हब्बा मनाया जाता है। गौरी मतलब पार्वती जी और हब्बा मतलब गणेशजी यानी गौरी गणेश का पर्व। यह पर्व प्रतिर्ष भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। आज गौरी हब्बा है। गौरी हब्बा देवी पार्वती, गौरी या गौरी के अवतार का सम्मान करने वाला एक हिंदू त्योहार है। यह गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में मनाया जाता है।
जानें शुभ मुहूर्त
गौरी हब्बा देवी पार्वती के गौरी अवतार को समर्पित पर्व है। इस दिन माता पार्वती के गौरी स्वरूप की पूजा होती है जो नवरात्रि में अष्टमी की देवी हैं। गौरी हब्बा तिथि प्रारम्भ: रविवार, 13 सितम्बर 2026 को सुबह 07:08 AM बजे से। तदिगे (तृतीया) तिथि समाप्त: सोमवार, 14 सितम्बर 2026 को सुबह 07:06 AM बजे तक। विशेष विचार: चूंकि उदयव्यापिनी तिथि (सूर्योदय के समय की तिथि) सोमवार, 14 सितम्बर को सुबह 07:06 बजे तक विद्यमान है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार इसी दिन यह व्रत और प्रातःकाल की पूजा संपन्न की जाएगी।
पूजा का शुभ मुहूर्त: प्रातःकाल 06:11 से 07:06 बजे तक (कुल अवधि 55 मिनट)
इन राज्यों में मनाया जाता है
गौरी हब्बा पर्व एक हिन्दू त्योहार है। गणेश चतुर्थी के एक दिन पूर्व यह कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में मनाया जाता है। इसी दिन उत्तर भारत में महिलाएं हरतालिका तीज का कठिन व्रत रखती हैं। गौरी हब्बा पर्व को महाराष्ट्र तथा अन्य उत्तर भारतीय राज्यों में, हरतालिका तीज के रूप में जाना जाता है। इस दिन हिंदू महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखकर माता गौरी की पूजा करती हैं।