December 7, 2021

हिन्दी दिवस : हिंदी है हम वतन है, हिन्दोस्तां हमारा

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‘हिन्दी’ कहते या सुनते ही एक गर्व की अनुभूति होती है। 1 अरब 324 करोड़ हिन्दुस्तानियों की राजभाषा हिन्दी है। प्रति वर्ष 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। हिन्दी भाषा विश्व में चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। हिन्दी दिवस पूरे भारत में हिन्दी भाषा के सम्मान और महत्व को समझने के लिए मनाया जाता हैं। हिन्दी भाषा का एक बहुत ही गहरा इतिहास है, जो इंडो-आर्यन शाखा और इंडो-यूरोपीय भाषा परिवार से जुड़ा हुआ है। आखिर क्यों मनाया जाता है हिन्दी दिवस? हिन्दी दिवस पर कौन-कौन से पुरस्कार दिये जाते हैं? आखिर, भारत के अलावा और कौन सा राष्ट्र है, जहां की आधिकारिक भाषा ‘हिन्दी’ है।

आइये जानते तमाम ऐसे ही रोचक तथ्य :-

14 सितम्बर को ही क्यों मनाते हैं हिन्दी दिवस

आजादी मिलने के दो साल बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एक मत से हिन्दी को राजभाषा घोषित किया गया और इसके बाद से हर साल 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। हिंदी की अनदेखी को रोकने के लिए हर साल 14 सितंबर को देशभर में हिन्दी दिवस मनाया जाता है।

हिन्दी’ को ही क्यों मिला राजभाषा का दर्जा

किसी भी भाषा को राष्ट्र भाषा अथवा राजभाषा चुनने से पहले उसके कुछ विशेष गुण होने चाहिए। उस भाषा को देश के ज्यादातर भागों में लिखा पढ़ा जाता हो या उन्हें समझ हो। उस भाषा की शब्दाबली इतनी समर्थ हो की उससे सभी प्रकार के ज्ञान-विज्ञान के विषयों को अभिव्यक्त किया जा सके। साथ ही, ऐसी भाषा के साहित्य का एक विशाल भंडार होना चाहिए तथा दर्शन, ज्योतिष विज्ञान, साहित्य और इतिहास के विषय में सभी पुस्तकें होनी चाहिए। भाषा का सुन्दर और सरल होना और भी आवश्यक है।

आज के भारत में हिन्दी ही एक मात्र भाषा है, जिसमें यह सब गुण पाए गए हैं। इसीलिए हिन्दी को राजभाषा के रूप में चुना गया है। आज हिन्दी भाषा को पूरे विश्व भर में सम्मान के नजरों से देखा जाता है। यहाँ तक की टेक्नोलॉजी के जमाने में आज विश्व की सबसे बड़ी कंपनियां जैसे गूगल, फेसबुक भी हिन्दी भाषा को बढ़ावा दे रहे।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेयी ने राष्ट्र संघ में अपना प्रथम वक्तव्य हिन्दी भाषा में प्रस्तुत किया था। भारत के केंद्र में हिन्दी भाषा का प्रयोग किया जाता है। हिन्दी भाषा का साहित्य पौराणिक और संपन्न है।

यहां सबसे ज्यादा बोली जाती है ‘हिन्दी’

हिन्दी बोलने वाली अधिकांश आबादी उत्तर भारत में केंद्रित है। हिन्दी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और झारखंड सहित कई भारतीय राज्यों की आधिकारिक भाषा है। बिहार देश का पहला राज्य था, जिसने अपनी एकमात्र आधिकारिक भाषा के रूप में हिन्दी को अपनाया। बंगाली, तेलुगु और मराठी देश की अन्य व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा हैं।

विदेशों में भी बोली जाती है ‘हिन्दी’

भारत की आजादी के बाद भारत सरकार ने हिन्दी भाषा को और भी उन्नत बनाने के लिए जोर दिया और इसमें कुछ सुधार और शब्दाबली को बेहतर बनाया गया। भारत के साथ-साथ देवनागरी भाषा अन्य कई देशों में बोली जाती है। मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, गुयाना, त्रिनिदाद एवं टोबैगो और नेपाल, युगांडा, यमन, न्यूजीलैण्ड आदि देशों में भी हिन्दी भाषी लोगों ने हिन्दी का परचम उठा रखा है।

यहां की आधिकारिक भाषा है ‘हिन्दी

विश्व में चौथे स्थान पर सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली भाषा ‘हिन्दी’ केवल भारत की ही नहीं, अपितु दक्षिण प्रशांत महासागर क्षेत्र में ‘फिजी’ नामक द्वीपीय देश की आधिकारिक भाषा के रूप में दर्जा प्राप्त है।

भारत में 66 फीसदी लोग बोलते हैं ‘हिन्दी’

वर्ष 1997 में हुए एक सर्वेक्षण में पाया गया था कि भारत में 66 फीसदी लोग हिंदी बोलते हैं, जबकि 77 प्रतिशत इसे समझ लेते हैं। डिजिटल माध्यम में 2016 में हिंदी समाचार पढ़ने वालों की संख्या 5.5 करोड़ थी, जो 2021 में बढ़कर 14.4 करोड़ होने का अनुमान है।