हल्द्वानी/अल्मोड़ा: कुमाऊं के पर्वतीय इलाकों में लगातार बढ़ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।
पशु चिकित्सकों की तैनाती
जानकारी के अनुसार जिसमें प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई और रेस्क्यू अभियानों को प्रभावी बनाने के लिए विभाग जल्द ही 11 माह की संविदा पर पांच समर्पित पशु चिकित्सकों की तैनाती करने जा रहा है। इसके अलावा आपात स्थितियों के लिए तीन अन्य डॉक्टरों को स्टैंडबाय (प्रतीक्षा सूची) पर रखा गया है। जिसमें वन विभाग ने बीते 25 अगस्त को पश्चिमी वृत्त के आरण्य भवन में परीक्षा और साक्षात्कार आयोजित किए थे।प्रक्रिया के बाद चयनित 5 पशु चिकित्सकों को उत्तरीय कुमाऊं वृत्त के मुख्य संवेदनशील प्रभागों में तैनात किया जाएगा।
• डॉ. गंगादत्त कांडपाल – सिविल सोयम वन प्रभाग, अल्मोड़ा
• डॉ. स्पर्श दुबे – अल्मोड़ा वन प्रभाग
• डॉ. नीरज बिष्ट – बागेश्वर वन प्रभाग
• डॉ. यश सागर – पिथौरागढ़ वन प्रभाग
• डॉ. यजश कन्याल – चम्पावत वन प्रभाग