तेजस क्रैश में शहीद हुए भारतीय वायु सेना के पायलट विंग कमांडर नमन स्याल, आखिरी पल तक की तेजस और खुद को बचाने की कोशिश

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते है। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। दुबई एयर शो में शुक्रवार को तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA Mk-1) दुघर्टनाग्रस्त हो गया। जिसमें भारतीय वायु सेना (IAF) के पायलट विंग कमांडर नमन स्याल शहीद हो गए हैं।

विंग कमांडर नमन स्याल शहीद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह दुर्घटना 17 नवंबर से शुरू हुए दुबई एयर शो के अंतिम दिन अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक लो-लेवल एरोबेटिक युद्धाभ्यास के दौरान हुई। जब तेजस फाइटर जेट अचानक नाक के बल नीचे गोता लगाते हुए दिखाई दिया और जमीन पर टकराते ही आग के गोले में तब्दील हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक आखिरी पल में विंग कमांडर नमांश स्याल ने इजेक्ट करने की कोशिश की। पैराशूट जैसी चीज दिखी, लेकिन ऊंचाई कम थी। इसलिए वो खुल नहीं पाया। पायलट ने पहले विमान बचाने की भरपूर कोशिश की। रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 साल में तेजस से पहली बार किसी पायलट की जान गई है। इससे पहले मार्च 2024 में जैसलमेर के पास एक हादसा हुआ था, तब पायलट सुरक्षित निकल गए थे। विंग कमांडर नमन स्याल का पार्थिव शरीर आज रविवार दोपहर गग्गल एयरपोर्ट पहुंचेगा। जहां कांगड़ा में राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।

हिमाचल के थे निवासी

रिपोर्ट्स के मुताबिक विंग कमांडर नमन स्याल (37) एक उच्च कुशल और अनुभवी पायलट थे। जो हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवान तहसील के पटियालकर गांव के रहने वाले थे। उन्हें 24 दिसंबर 2009 को भारतीय वायु सेना में कमीशन किया गया था। उनके पास MiG-21 और सुखोई Su-30 MKI जैसे विमानों को उड़ाने का भी अनुभव था। वह हाल ही में तेजस की तीसरी स्क्वाड्रन में कार्यरत थे। वह कोयंबटूर में तैनात थे। वह एयर शो में हिस्सा लेने के लिए दुबई गए थे। उनकी पत्नी भी एक IAF अधिकारी हैं। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी हो चुके हैं।

तेजस विमान

रिपोर्ट्स के मुताबिक तेजस प्रोजेक्ट की शुरुआत 1984 में हुई थी और पहला विमान 2016 में वायुसेना में शामिल किया गया। वर्तमान में वायुसेना की दो स्क्वॉड्रन—45 स्क्वॉड्रन और 18 स्क्वॉड्रन—तेजस से पूरी तरह लैस हैं। एक स्क्वॉड्रन में आमतौर पर 16 से 18 विमान होते हैं। अभी तक भारतीय वायु सेना में सिर्फ 38 स्वदेशी हल्के लड़ाकू तेजस विमानों को शामिल किया है। पिछले कई वर्षों से भारत चौथी पीढ़ी के तेजस मार्क-1 फाइटर जेट को विदेशों में होने वाले एयर शो में शामिल करता रहा है।