आज 17 जनवरी 2026 है। आज चतुर्दशी है। साल 2026 में नरक निवारण चतुर्दशी आज 17 जनवरी शनिवार को मनाई जा रही है। माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का धार्मिक दृष्टि से काफी महत्व है। इसे नरक निवारण चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन भगवान शिवजी की पूजा अर्चना, जलाभिषेक और उपवास किया जाता है। इससे लोगों को नर्क से मुक्ति मिलती है, इसलिए लोग भी पापों से मुक्ति पाने के लिए नरक निवारण चतुर्दशी का व्रत करते हैं।
जानें शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के मुताबिक चतुर्दशी तिथि की शुरुआत: 16 जनवरी 2026, रात 10:22 बजे तक रहेगी। चतुर्दशी तिथि की समाप्ति: 18 जनवरी 2026, सुबह 12:04 बजे होगी। उदयातिथि के हिसाब से व्रत 17 जनवरीको रखा जाएगा। शनिवार को संध्या 06.52 के बाद शिव भजन,कीर्तन,श्रृंगार, इत्यादि शिवालय में होंगे एवं संध्या आरती भी होगी। तदोपारंत साधक अपने सुविधानुसार व्रत का पारण कर सकते हैं। नरक निवारण चतुर्दशी व्रत में सूर्योदय से सूर्यास्त तक व्रत रखा जाता है। और शाम के समय तिल, बेर और सेम खाकर व्रत का पारण किया जाता है। इसलिए इस व्रत में तिल बेर और सेम का बड़ा ही महत्व है। मान्यता है कि इस व्रत के करने से सहस्त्र अश्वमेध यज्ञ का लाभ होता है। इस व्रत को करने से मानव जातियों को पापों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत उनके जीवन में सुख और समृद्धि लाता है।
जानें पूजन विधि
इस दिन सुबह स्नान ध्यान करके पास के शिव मंदिर में जाएं और दूध,दही,घी, शहद,गंगाजल से अभिषेक करें। भगवान शिवजी को सुगंधित चंदन लगाएं। और बेलपत्र, फूल, अक्षत अर्पित करें। इसके साथ ही इस दिन भोले बाबा को बेर का फल भी अर्पित करें। कहते हैं कि इससे बैरियों यानी शत्रुओं का भय दूर होता है।