25 जून: वेदमाता का प्राकट्य उत्सव: गायत्री जयंती 2026 पर विशेष आध्यात्मिक संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और माँ गायत्री की असीम महिमा

आज 25 जून 2026 है। आज गायत्री जयंती है। गायत्री जयंती भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का एक अत्यंत गूढ़, प्रभावशाली और प्रेरणादायक महापर्व है। सनातन धर्म में गायत्री जयंती का पर्व अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व रखता है। गायत्री माता को वेदमाता, देवमाता और विश्वमाता के रूप में पूजा जाता है, और ऐसा माना जाता है कि उनकी आराधना से व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक शक्ति का विकास होता है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मां गायत्री के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व इस वर्ष 25 जून 2026 को पड़ रहा है।

जानें शुभ मुहूर्त

ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष एकादशी को मनाई जाने वाली गायत्री जयंती वर्ष 2026 में अपने साथ एक विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर आ रही है। इस वर्ष यह पर्व गुरुवार को पड़ रहा है, जो स्वयं ‘गुरु’ और ‘ज्ञान’ का दिन है, जिससे इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है।
ज्येष्ठ गायत्री जयंती: गुरूवार, जून 25, 2026
• एकादशी तिथि प्रारम्भ:जून 24, 2026 को 06:12 सायं बजे
• एकादशी तिथि समाप्त: जून 25, 2026 को 08:09 सायं बजे

खास है महत्व

हिंदू धर्म में मां गायत्री को पंचमुखी माना गया है, जिसका अर्थ है यह संपूर्ण ब्रह्मांड जल, वायु, पृथ्वी, तेज और आकाश के पांच तत्वों से बना है। संसार में जितने भी प्राणी हैं, उनका शरीर भी इन्हीं पांच तत्वों से बना है। इस पृथ्वी पर प्रत्येक जीव के भीतर गायत्री प्राण-शक्ति के रूप में विद्यमान है। यही कारण है गायत्री को सभी शक्तियों का आधार माना गया है। इसीलिए भारतीय संस्कृति में आस्था रखने वाले हर प्राणी को प्रतिदिन गायत्री उपासना अवश्य करनी चाहिए।