आज हम मार्च में पड़ने वाले प्रदोष व्रत की जानकारी देंगे। प्रदोष व्रत हर माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्र्योदशी तिथि को किया जाता है। 01 मार्च को प्रदोष व्रत है। त्र्योदशी तिथि रविवार के दिन होने से यह रवि प्रदोष व्रत कहलाएगा। रवि प्रदोष का संबंध सूर्य देव से भी माना जाता है, इसलिए इस दिन शिव उपासना के साथ सूर्य मंत्र जप भी शुभ माना जाता है। इस दिन शिव की विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने का विधान है। एक महीने में 2 प्रदोष व्रत होते हैं। इस दिन सुबह से शाम तक व्रत किया जाता है और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। रविवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को रवि प्रदोष व्रत के रूप में जाना जाता है।
जानें शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है, जो हर महीने के दोनों पक्षों में आती है। इस बार फाल्गुन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 फरवरी को रात 8 बजकर 43 मिनट से प्रारंभ होगी और 1 मार्च को शाम 7 बजकर 9 मिनट तक रहेगी। प्रदोष काल सूर्यास्त के आसपास का समय होता है, इसलिए 1 मार्च को व्रत रखना अधिक उपयुक्त माना गया है।
प्रदोष व्रत में पूजा प्रदोष काल में ही करनी चाहिए। इस बार 1 मार्च को शाम 6 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 9 मिनट तक पूजा का विशेष शुभ समय रहेगा।