August 16, 2022

अल्मोड़ा: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लेकर विश्वविद्यालय में कार्यशाला का हुआ समापन

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सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कॉमन मिनिमम सिलेबस को लेकर  गणित विभाग के सभागार में दूसरे दिन चंपावत एवं लोहाघाट के महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों के लिए कार्यशाला आयोजित हुई। महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों को विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं संकाय अध्यक्षों ने प्रशिक्षित किया।
दूसरे दिवस पर कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो नरेंद्र सिंह भंडारी, परीक्षा नियंत्रक  प्रो सुशील कुमार जोशी, संकायाध्यक्ष, कला और शोध एवं प्रसार निदेशालय के निदेशक प्रो. जगत सिंह बिष्ट , संकायाध्यक्ष विज्ञान प्रो. जया उप्रेती,  संकायाध्यक्ष, वणिज्य  प्रो. एम. एम. जिन्नाह,  राष्ट्रीय शिक्षा नीति की समिति के समन्वयक एवं अधिष्ठाता शैक्षिक प्रो. शेखर जोशी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति की समिति के सह संयोजक डॉ. भाष्कर चौधरी, डॉ पारुल सक्सेना आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर दूसरे दिन कार्यशाला का उद्घाटन किया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पाठ्यक्रमों में हमारे विद्यार्थी भारत के पारंपरिक ज्ञान-विज्ञान का अध्ययन करेंगे

कार्यशाला का संचालन करते हुए डॉ पारुल सक्सेना ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की।
मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पाठ्यक्रमों में हमारे विद्यार्थी भारत के पारंपरिक ज्ञान-विज्ञान का अध्ययन करेंगे। नवीन शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए विश्वविद्यालय ने बहुत परिश्रम किया है।  हमारे युवा शिक्षक इस नवीन नीति के क्रियान्वयन के लिए अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।  इस नीति के तहत हमारे विद्यार्थी व्यावसायिक एवं को करिकुलर पाठ्यक्रमों को पढ़कर शीघ्र रोजगार पाएंगे।  उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की नवीन शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के लिए मनोयोग से कार्य करेंगे।  कुलपति प्रो भंडारी ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों में मूल्यों की स्थापना होगी। पाठ्यक्रम का अध्ययन कर भारत की समृद्ध विरासत, भारत के परंपरा से जुड़ेंगे। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन के लिए सभी को अपनी शुभकामनाएं दी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किये गए पाठ्यक्रम का प्रस्तुतिकरण दिया

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की समिति के समन्वयक एवं अधिष्ठाता शैक्षिक प्रो. शेखर जोशी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी महाविद्यालयों में क्रियान्वयन को लेकर बात रखी।
सह संयोजक डॉ भाष्कर चौधरी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप  तैयार किये पाठ्यक्रम के प्रारूप को लेकर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने विस्तार से पाठ्यक्रमों की चर्चा की।
संकायाध्यक्ष वाणिज्य प्रो. एम. एम. जिन्नाह ने वाणिज्य विषय में स्नातक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किये गए पाठ्यक्रम का प्रस्तुतिकरण दिया।
कला संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. जगत सिंह बिष्ट ने कहा कि कला संकाय के विषयों के साथ कई वोकेशनल एवं सह पाठ्यचर्चा से संबंधित विषयों को समाहित किया गया है। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को कोई कठिनाई नहीं आएगी। यदि कोई असुविधा आपको आती है तो आप हमसे पाठ्यक्रम के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।  उन्होंने टीम वर्क के साथ पाठ्यक्रम को लागू करने की अपील की। 
संकायाध्यक्ष विज्ञान प्रो. जया उप्रेती ने कहा कि विज्ञान के विद्यार्थियों को विज्ञान के सब्जेक्ट पढ़ने होंगे। उन्होंने विज्ञान के विषयों की चर्चा की और एन.ई.पी. 2020 के अनुरूप विज्ञान संकाय के पाठ्यक्रमों पर बात रखी।
कार्यशाला का डॉ. पारुल सक्सेना ने संचालन एवं डॉ.भाष्कर चौधरी ने आभार जताया।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर संकायाध्यक्ष दृश्यकला संकाय प्रो. सोनू द्विवेदी, प्रो.रुबीना अमान, डॉ. दीपक, डॉ. पीयूष पोखरिया, डॉ साक्षी तिवारी,  डॉ. एन एस बिष्ट, डॉ. ललित चन्द्र जोशी, डॉ. भगतेश्वरी कार्की, श्री रवि कुमार, शेर सिंह बघरी, श्री अनूप बिष्ट (तकनीकी सहायक) आदि सहित महाविद्यालयों के सैकड़ों प्रतिनिधि शामिल हुए।