तीन वैज्ञानिकों को रसायन में मिला नोबल पुरुस्कार, जानें क्या है क्लिक कैमेस्ट्री

स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में नोबेल प्राइज वीक 2022 के तहत बुधवार को केमिस्ट्री के नोबेल प्राइज का ऐलान किया गया। यह पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों को दिया जा रहा है। रसायन विज्ञान में 2022 के नोबेल पुरस्कार के विजेता कैरोलिन आर बर्टोजी (यूएस), मार्टेंन मेल्डल (डेनमार्क) और के. बैरी शार्पलेस(यूएस) ने जीता । बुधवार को स्वीडन के स्टॉकहोम में रायल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने विजेताओं की घोषणा की। इन्हें यह पुरस्कार अणुओं के टूटने (स्निप्पिंग ऑफ मॉलिक्यूल्स टुगैदर ) पर किए गए काम के लिए दिया गया है। इस प्रक्रिया को क्लिक रसायन विज्ञान के रूप में जाना जाता है। “क्लिक” रसायन विज्ञान जीवित कोशिकाओं की तरह अणुओं को एक साथ जोड़ने के बारे में है। उनके काम का उपयोग कोशिकाओं का पता लगाने और जैविक प्रक्रियाओं की निगरानी करने के लिए किया जाता है।

क्या है क्लिक कैमेस्ट्री

सीधे शब्दों में कहें तो क्लिक कैमेस्ट्री समान व्यवहार रखने वाले छोटे छोटे मॉलिक्यूल्स को जोड़ने की प्रक्रिया है । इसे बायोकंजुगेशन कहते हैं। ‘क्लिक केमिस्ट्री’ और बायोऑर्थोगोनल प्रतिक्रियाओं का प्रयोग भविष्य में इंसानों और अन्य जीवों के शरीर में ऐसे मॉलिक्यूल्स बनाने में होगा, जो उन्हें निरोग रख सकें। ‘क्लिक कैमेस्ट्री’ डीएनए में बदलाव करने और कैंसर उपचार की दवा बनाने में उपयोगी होगी ।

क्या किया रसायन वैज्ञानिकों ने

20 साल पहले वैज्ञानिकों के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती थी कि अणु बिना एक-दूसरे से प्रतिक्रिया किए आपस में जुड़ नहीं सकते। मॉर्टेन मेल्डल और बैरी शार्पलेस ने इन्हें जोड़ने के लिए ऐसे केमिकल एजेंट्स की खोज की, जो कि अणुओं से जुड़ सकते थे और फिर एक के बाद एक अन्य अणुओं को भी जोड़कर अणुओं का जटिल गुच्छा बना सकते थे। इन्हें ‘केमिकल बकल्स’ कहा गया। जैसे बेल्ट को जोड़ने वाले ‘बकल’

बैरी शार्पलेस और मॉर्टेन मेल्डल ने अलग-अलग स्तर पर स्वतंत्र रूप से पहले ऐसे बकल्स की खोज की, जो कि अणुओं से प्रतिक्रिया कर उनसे जुड़ जाएं। इन बकल्स की खासियत यह थी कि यह खास तरह के अणु से ही जुड़ सकते थे, न कि हर तरह के अणु से। इन्हें वैज्ञानिक अपनी तरह से मॉडिफाई भी कर सकते हैं, ताकि अलग-अलग तरह के अणुओं को जोड़ कर उनकी लंबी चेन बनाई जा सके। इस क्लिक केमिस्ट्री के जरिए आज अणुओं को जोड़कर इनका बड़ा और जटिल ढांचा तैयार किया जा रहा है। इनका इस्तेमाल दवाएं बनाने से लेकर पॉलीमर और नए पदार्थ बनाने में किया जा रहा है।

रसायन विज्ञान के लिए नोबेल पुरस्कार समिति के अध्यक्ष जोहान एक्विस्ट ने आधिकारिक बयान में कहा “रसायन विज्ञान में इस साल का पुरस्कार आसान और सरल चीज़ों के साथ काम करने के बजाय जटिल मामलों से संबंधित नहीं है। एक सीधा रास्ता अपनाकर भी कार्यात्मक अणुओं का निर्माण किया जा सकता है।” वहीं नोबेल पुरस्कार समिति ने कहा कि तीन वैज्ञानिकों के काम, ‘सुरुचिपूर्ण’ और ‘मानव जाति के लिए सबसे बड़ा लाभ’ लाने के लिए है।

कैरोलिन बर्टोजी

बॉस्टन में जन्मीं 55 वर्षीय बर्टोजी कैलिफोर्निया के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। उन्होंने प्रारंभिक सफलताओं में रुचि पैदा की, और विभिन्न शोधकर्ताओं द्वारा कई अन्य ‘क्लिक’ प्रतिक्रियाएं पाई। 2004 में कैरोलिन बर्टोजी ने दिखाया कि ‘क्लिक’ केमिस्ट्री जीवित कोशिकाओं में होने वाली रासायनिक प्रक्रियाओं में भी काम कर सकती है। उसने कुछ ‘क्लिक’ प्रतिक्रियाएं विकसित कीं जो जीवित जीवों के अंदर काम करती हैं। क्लिक कैमेस्ट्री शब्द उन्हीं की देन है।

बैरी शार्पलेस

2001 में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले अस्सी वर्षीय शार्पलेस दो बार पुरस्कार प्राप्त करने वाले पांचवें व्यक्ति बन गए हैं। इन्होंने स्टीरियोसेलेक्टिव रिएक्शन और क्लिक कैमेस्ट्री पर काम किया है।

मार्टेंन मेल्डल

अड़सठ वर्षीय मेल्डल डेनमार्क के कोपेनहेगन विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। वे इस समय स्क्रिप्स रिसर्च, कैलिफोर्निया के साथ जुड़े हुए हैं। पचपन वर्षीय बर्टोज़ी

रसायन में नोबेल पुरस्कार

यदि रसायन विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार के इतिहास पर नजर डालें तो 1901 से 2022 के बीच 189 वैज्ञानिकों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है। अब तक कुल 114 बार यह पुरस्कार दिया गया है। फ्रेडरिक सेंगर और बैरी शार्पलेस दोनों को दो बार रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

गौरतलब है कि सोमवार को स्वीडिश वैज्ञानिक स्वांते पैबो को मेडिसिन और फिजियोलॉजी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था । मंगलवार को फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार – एलेन आस्पेक्ट, जॉन एफ क्लॉसर और एंटन जेलिंगर को ‘क्वांटम मेकैनिक्स’ के क्षेत्र में कार्य करने के लिए यह अवॉर्ड दिया गया। साहित्य में नोबेल पुरस्कार फ्रेंच लेखक एनी अर्नॉक्स को दिया गया है।
वहीं 2022 नोबेल शांति पुरस्कार शुक्रवार और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में पुरस्कार की घोषणा 10 अक्तूबर को की जाएगी ।