अल्मोड़ा दुग्ध संघ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, प्रबंध समिति भंग, कोरम पूरा न होने से निर्णय, प्रशासक नियुक्त करने की संस्तुति

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, पातालदेवी की प्रबंध समिति को अर्हता (योग्यता) और कोरम पूरा न होने के कारण अमान्य घोषित कर दिया गया है।

हुआ यह खुलासा

जानकारी के अनुसार डेयरी विकास विभाग, हल्द्वानी के निर्देश पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट के बाद यह बड़ा खुलासा हुआ है। गत 10 अगस्त को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में दुग्ध समितियों के अभिलेखों के परीक्षण के बाद पाया गया कि वर्ष 2023-24 में गठित 9 सदस्यीय प्रबंध कमेटी में से तीन समितियों (चन्द्रकोट, सिरमौली और दुदिला) के दोबारा चुनाव होने से 3 सदस्य पदमुक्त हो गए थे। इसके बाद बची 6 सदस्यीय कमेटी के अभिलेखों की जांच में पाया गया कि चंद्रशेखर जोशी (छतगुल्ला) और ब्रह्मानंद डालाकोटी (डालाकोट) निर्धारित अर्हताओं को पूरा नहीं करते हैं, जिस कारण उन्हें अमान्य घोषित कर दिया गया। दो सदस्यों के अमान्य होने के बाद कमेटी में अब केवल चार वैध सदस्य (मोहन चंद्र पपनै, नीमा देवी, गिरीश चंद्र खोलिया और कुंवर सिंह गोस्वामी) ही बचे हैं, जिससे आवश्यक कोरम पूरा नहीं हो पा रहा है।

प्रशासक नियुक्त करने की सिफारिश

उत्तराखंड सहकारी समिति अधिनियम 2003 के तहत दायित्वों का निर्वहन न कर पाने की स्थिति में दुग्ध संघ ने वर्तमान कमेटी को भंग कर प्रशासक नियुक्त करने की संस्तुति विभाग से की है। वर्तमान में चुनाव प्रक्रिया और आचार संहिता लागू होने के कारण बोर्ड की बैठक आयोजित नहीं की जा सकती। इस संबंध में जी.एस. मोरिया, प्रधान प्रबंधक, दुग्ध संघ अल्मोड़ा ने बताया कि बोर्ड के सदस्यों की अर्हता जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। रिपोर्ट में दो सदस्य अमान्य पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट निबंधक को भेज दी गई है, आगे की कार्रवाई निबंधक स्तर से की जाएगी।