आज 11 मार्च 2026 है। आज शीतला अष्टमी है। होली के बाद सातवें और आठवें दिन देवी शीतला माता की पूजा करने की परंपरा है। हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी का व्रत बहुत महत्व है। यह व्रत हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। आज 11 मार्च 2026 को शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है।
जानें खास महत्व
पौराणिक मान्यता है कि शीतला माता की पूजा और व्रत करने से चेचक के साथ ही अन्य तरह की बीमारियां और संक्रमण नहीं होता है। मां शीतला का उल्लेख सबसे पहले स्कन्दपुराण में मिलता है। इनका स्वरूप अत्यंत शीतल है और यह कष्ट-रोग हरने वाली हैं। गधा इनकी सवारी है और हाथों में कलश, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते हैं। राजस्थान, मालवा, निमाड़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश में बासौड़ा पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। शीतला अष्टमी से एक दिन पहले शीतला सप्तमी मनाई जाती है। इस दिन व्रत रखा जाता है, पूजा की जाती है। यानी कि बासौड़ा पर्व 2 दिन चलता है। इस लिहाज से शीतला अष्टमी का पूजन आज 11 मार्च को किया जाएगा।
जानें शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 मार्च को दोपहर 1 बजकर 54 मिनट से शुरू हो चुकी है और इसका समापन 12 मार्च को सुबह 4 बजकर 19 मिनट पर होगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 4 बजकर 58 मिनट से 6 बजकर 36 मिनट तक व दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से 1 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।
जानें पूजन विधि
जल्दी सुबह उठकर स्नान करें। साफ वस्त्र पहनकर मंदिर जाएं। माता शीतला की फोटो या प्रतिमा को पूजा स्थल पर स्थापित करें। इसके बाद माता शीतला को फूल, फल व भोग लगाएं। धूप-दीप जलाए और मां की आरती उतारें। माता शीतला को प्रणाम करें।