आज 31 मार्च 2026 है। महावीर जयंती जैन धर्म के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्व है जिसे बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। महावीर जयंती जैन धर्म के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्व है जिसे बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है पर्व
यह हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाई जाती है। भगवान महावीर का जन्म राजा सिद्धार्थ और रानी त्रिशला के घर हुआ था। उनका जन्म 599 ईसा पूर्व में बिहार के कुंडलग्राम में हुआ, हालांकि दिगंबर जैन मानते हैं कि उनका जन्म 615 ईसा पूर्व में हुआ। बचपन में उनका नाम वर्धमान रखा गया। महावीर जयंती के दिन भगवान महावीर की मूर्ति के साथ जूलूस निकाला जाता है और धार्मिक गीत गाए जाते हैं। इस वर्ष भगवान महावीर की 2624वीं जयंती मनाई जाएगी। भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे जिन्होंने धर्म और सत्य पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया और प्रचार-प्रसार किया।
जानें शुभ मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि की शुरुआत– 30 मार्च 2026, सुबह 07:09 बजे
त्रयोदशी तिथि की समाप्ति– 31 मार्च 2026, सुबह 06:55 बजे
भगवान महावीर की मुख्य शिक्षाएँ
भगवान महावीर ने सुखी और शांत जीवन के लिए पाँच सिद्धांतों पर जोर दिया था।
• अहिंसा: मन, वचन और कर्म से किसी को कष्ट न पहुँचाना।
• सत्य: हमेशा सत्य बोलना और मधुर व्यवहार करना।
• अस्तेय: चोरी न करना और बिना अनुमति किसी की वस्तु न लेना।
• ब्रह्मचर्य: इंद्रियों पर नियंत्रण रखना।
• अपरिग्रह: अनावश्यक वस्तुओं का संग्रह न करना।