नैनीताल के भवाली में स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम से जुड़ी खबर सामने आई है। आगामी 15 जून को कैंची धाम का स्थापना दिवस है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पंहुचने की उम्मीद है।
कैंची धाम मंदिर का 61 वां स्थापना दिवस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 15 जून 2025 को विश्वविख्यात कैंची धाम मंदिर का 61वां स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस साल स्थापना दिवस पर देशभर से बड़ी संख्या श्रद्धालुओं के पंहुचने की उम्मीद है। स्थापना दिवस के पहले कैंची धाम में मेला भी लगता है। मेला शुरू होने से तीन-चार दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाता है। पिछली बार भी ऐसा ही हुआ था। भीड़ को देखते हुए प्रशासन अभी से यातायात के लिए फुलप्रूफ प्लान बनाने में जुट गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक साथ ही इस बार स्थापना दिवस पर 5 लाख मालपुए बनाए जाएंगे। इन मालपुओं का प्रसाद श्रद्धालुओं में बांटा जाएगा। 15 जून को मंदिर के स्थापना दिवस पर विशेष पूजन, भंडारा और कीर्तन जैसे आयोजन होंगे।
इसके साथ ही शटल सेवा से हल्द्वानी से भीमताल और भवाली मार्ग पर जाम से बचने की कोशिश की जाएगी। भीड़ को देखते हुए तय किया गया है कि जाम से बचने के लिए रोडवेज और केमू बसों को शटल सेवा के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
15 जून को स्थापना दिवस
उत्तराखंड में हिमालय की तलहटी में बसा एक छोटा सा आश्रम है नाम है- नीब करौरी बाबा आश्रम। एकदम शांत, साफ-सुथरी जगह, हरियाली, सुकून. समुद्र तल से 1400 मीटर की ऊंचाई पर स्थि नैनीताल-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित यह आश्रम धर्मावलंबियों के बीच कैंची धाम के रूप में लोकप्रिय है। नीब करौरी बाबा के पास देश ही नहीं दुनिया भर से भक्त आते थे और प्रेरणा पाते थे। नीम करोली बाबा 20वीं सदी के एक प्रसिद्ध भारतीय संत और हिंदू गुरु थे। उन्होंने 1964 में नैनीताल के पास पंतनगर में यह धाम/आश्रम बनाया था। जिसमें स्टीव जॉबस कई दिनों तक रहें। श्री हनुमान जी के अवतार माने जाने वाले बाबा के इस पावन धाम पर पूरे साल श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन हर साल 15 जून को यहां पर एक विशाल मेले व भंडारे का आयोजन होता है। यहां इस दिन इस पावन धाम में स्थापना दिवस मनाया जाता है। बाबा नीब करौरी ने इस आश्रम की स्थापना 1964 में की थी। बाबा 1961 में पहली बार यहां आए और उन्होंने अपने पुराने मित्र पूर्णानंद जी के साथ मिल कर यहां आश्रम बनाने का विचार किया था।