नैनीताल से जुड़ी खबर सामने आई है। नैनीताल जिले में आवारा कुत्तों, बंदर व लंगूरों के आतंक के बाद यहां के लोग अब चूहों से परेशान हैं। शहर में चूहों की बढ़ती तादाद, उनके बढ़ते आकार चिंता का विषय बन गया है।
दिए जरूरी निर्देश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसके बाद अब शहर में चूहों की बढ़ती तादाद, उनके बढ़ते आकार के कारणों की जांच अब चार विभाग करेंगे। इसके साथ ही पर्यावरणीय व मानव स्वास्थ्य पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है, इसकों लेकर भी अध्ययन किया जाएगा। जरुरत पड़ने पर चूहों को नियंत्रित करने में विशेषज्ञता रखने वाले संस्थान अथवा विशेषज्ञों से भी मदद ली जाएगी। इस संबंध में डीएम ने चार विभागों की संयुक्त कमेटी का गठन कर अध्ययन व रोकथाम के निर्देश दिये है।
चूहों का आतंक
रिपोर्ट्स के मुताबिक दरअसल शहर के पार्को, बाजार क्षेत्रों के साथ ही आवासीय भवनों में चूहों का आतंक बना हुआ है। सामान्य आकार से बड़े यह चूहे जमीन को खोखला कर भूस्खलन का भी कारण बने हुए है। दो वर्ष पूर्व बैंड स्टेंड क्षेत्र में हुए भूस्खलन के बाद विशेषज्ञों के सर्वे में यह स्पष्ट हो चुका है। इसके अलावा घर पर काम करने, सोने के दौरान लोगों को चूहों के काटने के मामले सामने आ रहे है। पिछले दस माह में चूहे 41 लोगों को काट चुके है। इसके अलावा यह चूहे जमीन को खोखला करने के साथ भूस्खलन का भी कारण बन रहे हैं। इस संबंध में विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस बढ़ती समस्या पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो यह बड़े भूस्खलन के साथ ही लोगों में बुखार, एलेर्जी, रेबीज जैसी बीमारी व प्लेग जैसी महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है।