नैनीताल: कैंचीधाम में भारी जाम पर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा सख्त, दिए वन-वे ट्रैफिक के निर्देश

​हल्द्वानी: उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटक और धार्मिक स्थल कैंचीधाम में लग रहे लंबे ट्रैफिक जाम से आम जनता और पर्यटकों को हो रही भारी परेशानी पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कड़ी नाराजगी जताई है।

बैठक का आयोजन

इस संबंध में उन्होंने बैठक की। जिसमें काठगोदाम सर्किट हाउस में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने पुलिस, प्रशासन, वन और परिवहन विभाग के अधिकारियों को दो टूक निर्देश देते हुए कहा कि अगले तीन दिनों के भीतर यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मंत्री अजय टम्टा ने स्पष्ट किया कि सड़कें ठीक हैं, लेकिन उन पर वाहनों का दबाव बहुत अधिक है, इसलिए सभी विभाग आपसी तालमेल (समन्वय) के साथ काम करें और वैकल्पिक मार्गों को भी जल्द विकसित करें।
​
वीकेंड पर उमड़ रही भारी भीड़

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बैठक में जानकारी दी कि वीकेंड के दौरान कैंचीधाम में 30 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हाल ही में दो से चार अक्टूबर के बीच यह संख्या 40 हजार के पार पहुंच गई थी, जिसके कारण भीषण जाम की स्थिति पैदा हो गई। जाम के इस नासूर के चलते अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों को जाने वाले यात्रियों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है, और कई बार गंभीर मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।

​
अब लागू होगी नई वन-वे व्यवस्था

अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है कि ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की जाएगी।
• ​ज्योलीकोट मार्ग से कैंचीधाम तक वाहन सिर्फ एक तरफ (वन-वे) जाएंगे।
• ​वापसी के लिए वाहनों को भीमताल मार्ग से भेजा जाएगा।
• ​केंद्रीय राज्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस नई व्यवस्था को पहले तीन दिनों तक ट्रायल के तौर पर सख्ती से लागू किया जाए।

रहें मौजूद

​बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आकाश जी और आरटीओ अरविंद कुमार पांडे समेत कई अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।