हल्द्वानी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट आज (7 फरवरी) को हल्द्वानी में रेलवे की 78 एकड़ जमीन में रह रहे 4,365 परिवारों पर सुनवाई करेगा।
सुप्रीम कोर्ट में फैसला आज
रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्षेत्र में लगभग 50,000 निवासियों का भाग्य, जिनमें से 90% मुस्लिम हैं, प्रशासन के साथ अधर में लटका हुआ है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, 78 एकड़ क्षेत्र में पांच वार्ड हैं और लगभग 25,000 मतदाता हैं। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की संख्या 15,000 के करीब है। कई परिवार 1910 के बाद से बनभूलपुरा में गफूर बस्ती, ढोलक बस्ती और इंदिरा नगर कॉलोनियों के “कब्जे वाले इलाकों” में रह रहे हैं। इस क्षेत्र में चार सरकारी स्कूल, 10 निजी, एक बैंक, चार मंदिर, दो मजार, एक कब्रिस्तान और 10 मस्जिदें हैं जो पिछले कुछ दशकों में बनी हैं। बनभूलपुरा में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय भी है जो 100 साल से अधिक पुराना बताया जाता है।
चार हजार से ज्यादा परिवारों के भविष्य पर आज फैसला
सुप्रीम कोर्ट आज सात फरवरी को इस मामले में सुनवाई करेगा। दरअसल रेलवे की इस जमीन पर अवैध कब्जा हटाने के विरोध में 4 हजार से ज्यादा परिवार हैं। जिनकी जिंदगी पर आज फैसला होगा