06 नवंबर: धनतेरस 2026: शाम को जरूर जलाएं यमराज के नाम का दीपक, दूर होगा अकाल मृत्यु का भय, मुख्य द्वार पर जलाया जाता है चार मुख वाला दीया

आज 06 नवंबर 2026 है। आज यम दीपम (या यम दीपदान) है। हिंदू धर्म में धनतेरस (धन्वंतर त्रयोदशी) की शाम को यमराज के निमित्त जलाया जाने वाला यह एक विशेष दीपक है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस की शाम को यमराज के नाम का दीपक जलाने से परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है और अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।

जलाया जाता है यम दीपक

मान्यता है कि यह दीपक जलाने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है और उन्हें लंबी आयु, अच्छा स्वास्थ्य एवं आरोग्य का वरदान प्राप्त होता है। मृत्यु के देवता यमराज को प्रसन्न करने और उनके प्रकोप को टालने के लिए यह अनुष्ठान किया जाता है। यम का दीपक घर के सभी सदस्यों के आ जाने और शाम की मुख्य लक्ष्मी-कुबेर पूजा संपन्न होने के बाद जलाया जाता है।

यह रहेगा शुभ मुहूर्त

इसके लिए आमतौर पर मिट्टी का एक चौमुखा (चार मुख वाला) दीपक या आटे का दीया लिया जाता है। इसमें सरसों का तेल या तिल का तेल डाला जाता है तथा रुई की चार बातियों का उपयोग किया जाता है। इसे प्रदोष काल (सूर्यास्त के तुरंत बाद या शाम की मुख्य पूजा के बाद) में जलाया जाता है। दीपक को घर के मुख्य द्वार के बाहर, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखा जाता है (क्योंकि दक्षिण दिशा यमराज की दिशा मानी जाती है)। दीपक प्रज्वलित करने के बाद दोनों हाथ जोड़कर यमराज से परिवार की सुरक्षा की प्रार्थना की जाती है।
समय:
धनतेरस की शाम सूर्यास्त के बाद (लगभग 05:32 PM से 06:51 PM के बीच)।