अल्मोड़ा में भड़का मिठाई व्यापारियों का आक्रोश: खाद्य विभाग के नए नियमों को बताया अव्यावहारिक, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

​अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में ‘देवभूमि उद्योग नगर व्यापार मंडल’ ने खाद्य सुरक्षा विभाग के नए नियमों और विभाग के कथित उत्पीड़नकारी रवैये के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। जिस पर देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल ने खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी माँगें रखी हैं और ज़ोर दिया है कि अगर उनका उत्पीड़न नहीं रुका, तो वे एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
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रखें यह मुख्य मुद्दे और आपत्तियाँ

​व्यापार मंडल की मुख्य आपत्ति मिठाई और कच्चे माल पर “उपयोग करने की अंतिम तिथि” (एक्सपायरी डेट) को दर्शाने के अनिवार्य नियम को लेकर है। ज्ञापन में कहा गया है कि विभाग का यह आदेश अव्यावहारिक है। उनका तर्क है कि मिठाई विक्रेता पहले से ही मिठाई बनने की तारीख (मैन्युफैक्चरिंग डेट) अपनी मिठाइयों पर लगाते रहे हैं, जैसा कि पहले की बैठकों में तय हुआ था। व्यापारियों का कहना है कि मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की गुणवत्ता अक्सर मौसम और तापमान पर निर्भर करती है। ऐसे में किसी एक निश्चित तिथि तक माल के “खाने योग्य” रहने की गारंटी देना कठिन है, क्योंकि परिवहन या जलवायु परिस्थितियों के कारण यह समय से पहले भी ख़राब हो सकता है। व्यापारियों का तर्क है कि ऐसे मामलों में उन पर ज़िम्मेदारी नहीं डाली जानी चाहिए।

​उत्पीड़न और भय का माहौल

​व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि त्योहारों (होली, दीपावली, दशहरा, रक्षाबंधन) के मौक़ों पर खाद्य विभाग द्वारा अचानक की जाने वाली चेकिंग से व्यापारियों में भय का माहौल पैदा हो रहा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि यही वो समय होता है जब व्यापारियों को कुछ मुनाफ़ा कमाने की उम्मीद होती है, लेकिन विभाग की चेकिंग से उनकी बिक्री प्रभावित होती है। ज्ञापनों में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि खाद्य सुरक्षा विभाग के पास मिठाई की गुणवत्ता जाँचने के लिए आवश्यक उपकरण तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद अधिकारी चेकिंग के नाम पर दुकानों में घुस आते हैं और व्यापारियों को परेशान करते हैं। व्यापारियों का यह भी कहना है कि वे किसी बाहरी या मिलावटी माल (जैसे मिलावटी खोया या पनीर) को शहर में प्रवेश से रोकने के लिए पूर्व में प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं और लोधिया बैरियर पर चेकिंग की माँग कर चुके हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

​प्रसिद्ध ‘बाल मिठाई’ की प्रतिष्ठा को ख़तरा

​अल्मोड़ा की प्रसिद्ध ‘बाल मिठाई’ की विश्वव्यापी प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए, व्यापारियों ने कहा कि यह मिठाई और खोये से बनी पहाड़ी मिठाइयाँ विदेश तक जाती हैं। विभाग की ऐसी कार्रवाइयों से इन प्रसिद्ध मिठाइयों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठते हैं, जिससे न केवल व्यापारियों का व्यापार प्रभावित होता है, बल्कि अलमोड़ा की विशिष्ट पहचान को भी ठेस पहुँचती है।

उत्पीड़न न रुका तो होगा आंदोलन

​देवभूमि उद्योग नगर व्यापार मंडल, अल्मोड़ा के नगर अध्यक्ष संजय शाह ‘रिक्खू’ द्वारा हस्ताक्षरित इस ज्ञापन में साफ़ चेतावनी दी गई है कि अगर चेकिंग के नाम पर अलमोड़ा शहर और ज़िले के किसी भी मिठाई व्यापारी का उत्पीड़न नहीं रुका, तो व्यापार मंडल चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि वे सभी व्यापारियों को एकजुट करके खाद्य विभाग के उच्च अधिकारियों के ख़िलाफ़ आंदोलन छेड़ देंगे। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे आंदोलन की पूरी ज़िम्मेदारी खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग, अल्मोड़ा के उच्च अधिकारियों की होगी।

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देवभूमि उद्योग नगर व्यापार मंडल के मुख्य पदाधिकारी

• ​संजय साह ‘रिक्खू’ — नगर अध्यक्ष
• ⁠मनोज सिंह पवार – जिला अध्यक्ष मनोज सिंह पवार
• ⁠निकेश उपाध्याय- जिला महामंत्री संगठन
• ⁠दीप चन्द्र जोशी — नगर महासचिव
• ⁠हिमाशु कांडपाल- जिला महामंत्री
• ⁠सुमित गुप्ता- जिला उपाध्यक्ष
• ​दीपक जोशी — वरिष्ठ उपाध्यक्ष
• ⁠हरि कृष्ण खत्री- जिला संगठन मंत्री
• ⁠नीरज थापा ‘बिट्टू’- जिला संगठन मंत्री
• ⁠नमन गुरुरानी- जिला संयुक्त महामंत्री
• ⁠सुधीर गुप्ता- जिला संयुक्त महामंत्री
• ⁠मनजिंदर सिंह- जिला संयुक्त महामंत्री
• ⁠भुवन तिवारी- जिला संयुक्त महामंत्री
• ⁠मनीष मल्होत्रा- जिला संगठन मंत्री
• ⁠वंदना वर्मा- महिला जिला उपाध्यक्ष
• ​मनु गुप्ता — महिला उपाध्यक्ष

व्यापार मंडल अध्यक्ष लोधिया पूरन लटवाल, हरीश जोशी, हरीश रावत, राजीव गुरुरानी, पूरन सिंह अधिकारी
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मिष्ठान विक्रेता एवं प्रतिष्ठान

नरेन्द्र साह, इन्द्र सिंह, चन्दन सिंह रौतेला, गोविन्द सिंह रावतस सुमित गुप्ता, सुधीर गुप्ता, मनोज मल्होत्रा, नमन गुरुरानी, हिमांशु काण्डपाल, निकेश उपाध्याय, नीरज थापा, गिरीश चंद्र जोशी, हरी कृष्ण खत्री, दीपक जोशी, भुवन चंद्र पंत, हरीश रावत, लक्ष्मण सिंह अधिकारी, संदीप गुप्ता, संजय सिंह बिष्ट, विनय कुमार गुप्ता, पूरन सिंह हलियाल, अभिषेक अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, राजेश सिंह, मनजिन्दर सिंह, अनिल भट्ट, दीप चंद्र जोशी, मनोज लाटवाल, विनोद बजेठा, हरीश रावत, किशन सिंह नेगी शामिल रहें।