अग्निवीर योजना में इन बड़े बदलावों की तैयारी, एक क्लिक में पढ़िए पूरी खबर

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। अग्निवीर योजना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है।

अग्निपथ योजना की समीक्षा का कार्य सौंपा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार ने 10 अलग-अलग मंत्रालयों के सचिवों को अग्निपथ योजना की समीक्षा का कार्य दिया है। जिसमें सचिवों का यह समूह अग्निपथ योजना के जरिए सैनिकों की भर्ती को और अधिक आकर्षक बनाने के तरीको के सुझाव देगा। साथ ही अग्निपथ योजना में कोई कमी हो तो उसे भी दूर किया जा सकता है।

क्या इस योजना में होगा बदलाव

रिपोर्ट्स के मुताबिक सामने आई जानकारी के अनुसार अब सैनिकों की सेवा अवधि को 4 साल से बढ़ाकर 7-8 साल करने पर विचार किया जा रहा है। 4 साल की सेवा अवधि में सैनिकों की ट्रेनिंग मात्र 9 महीनों की होती है।सेवा अवधि बढ़ाने से सैनिकों को ग्रेच्युटी और पूर्व सैनिक जैसे लाभ मिल पाएंगे।

भारतीय सेना ने अग्निवीर योजना के कुछ प्रावधानों में बदलाव की जताई इच्छा

रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके साथ ही भारतीय सेना ने अग्निवीर योजना के कुछ प्रावधानों में बदलाव की इच्छा जताई है। योजना में संभावित बदलावों की सिफारिशों के लिए प्रमुख हितधारकों के साथ समीक्षा और सर्वेक्षण भी किया गया है। आर्मी ने अपने इंटरनल सर्वे पर कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स बताए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक‌ जानकारी सामने आई है कि यह जानकारी सैन्य सूत्रों से मिली है।
📌📌पहला पॉइंट है, उसमें अग्निवीरों का प्रतिशत बढ़ाना। जिसमें चार साल की समाप्ति के बाद भी अग्निवीरों की संख्या 60-70 फीसदी तक बरकरार रखी जाए।
📌📌दूसरा पॉइंट है सेवा अवधि बढ़ाना। इसमें आर्मी सेवा अवधि को भी चार साल से बढ़ाकर सात से आठ साल करना चाहती है।
📌📌तीसरा पॉइंट है तकनीकी क्षेत्रों में भर्ती की आयु बढ़ाना।‌ अभी 17 से 21.5 वर्ष की आयु के बीच अग्निवीरों को रखा जाता है। सेना सिग्नल, एयर डिफेंस और इंजीनियर्स जैसे तकनीकी हथियारों में भर्ती के लिए उम्र सीमा बढ़ाकर 23 साल करने का प्रस्ताव कर रही है।
📌📌चौथा पॉइंट है विकलांगता भुगतान और सेवा अवधि समाप्त होने के बाद नौकरी खोजने में सहायता।
📌📌पांचवां और आखिरी पॉइंट है निर्वाह भत्ता।

2022 को लागू हुई थी यह योजना

भाजपा सरकार ने इस योजना को 14 जून 2022 को लागू किया था। जिसमें चार साल की सेवा है। जहां भारतीय सेना में भर्ती होने वाले सभी जवानों को रिटायर्ड होने के बाद पेंशन मिलती है। लेकिन अब योजना के तहत भर्ती होने वाले जवान 4 साल के लिए भर्ती होंगे। जिसमें से 75 प्रतिशत जवानों को 4 साल बाद रिटायर्ड कर दिया जाएगा। और सिर्फ 25 फ़ीसदी सैनिक ही भारतीय सेवा में पूरी सर्विस कर पाएंगे।