रामनगर: कार्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) के निदेशक और मुख्य वन संरक्षक (CCF) डॉ. साकेत बडोला ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वर्ष 2008 बैच के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी डॉ. बडोला ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय वन सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने की जानकारी सार्वजनिक की। डॉ. साकेत बडोला पिछले 10 दिनों से अवकाश पर चल रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे किसी विशिष्ट विवाद का जिक्र न करते हुए इसे व्यक्तिगत कारण बताया है। उन्होंने लिखा, “मैंने व्यक्तिगत कारणों से भारतीय वन सेवा से स्वेच्छा से सेवानिवृत्त होने का निर्णय लिया है। एक साधारण परिवार के व्यक्ति के लिए इस प्रतिष्ठित सेवा में शामिल होना किसी सपने से कम नहीं था। मैंने अपने पूरे सेवाकाल में अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया है और उम्मीद है कि भविष्य में भी राष्ट्र निर्माण में योगदान देता रहूँगा।”
पशु चिकित्सक से IFS तक का सफर
मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार निवासी डॉ. साकेत बडोला वन सेवा में आने से पहले एक पशु चिकित्सक थे। जिनका 2008 में IFS अधिकारी के रूप में चयन हुआ। 2009 में तराई पश्चिमी वन प्रभाग में प्रशिक्षु DFO के रूप में शुरुआत की। कार्बेट में उपनिदेशक, राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक और भारत में वन्यजीव तस्करी की रोकथाम के लिए कार्यरत संस्था ‘ट्रैफिक’ (TRAFFIC) इंडिया के प्रमुख रहे। जुलाई 2024 में कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक पद पर तैनाती हुई थी, जिसके बाद उनकी मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदोन्नति भी हुई थी।