May 28, 2022

रानीखेत: घोषित रानीखेत जिले को अस्तित्व में लाने की मांग को सड़क पर उतरे लोग

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रानीखेत से जुड़ी खबर सामने आई है। यहाँ घोषित रानीखेत जिले को अस्तित्व में लाने की मांग को लेकर लोग एक बार फिर सड़क पर उतर गये है। जिसको लेकर शुक्रवार को घोषित जिलों की संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले नागरिकों ने शुक्रवार को धरना प्रदर्शन किया।

यह है पूरा मामला-

गौरतलब है कि 15 अगस्त 2011 को तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने रानीखेत, डीडीहाट, कोटद्वार, यमुनोत्री सहित चार नये जिले बनाने की घोषणा की थी। लेकिन जिलों का शासनादेश जारी नहीं हो सका। इसके बाद 2012 में सत्ता में आई कांग्रेस ने घोषित नये जिलों का मामला पुनर्गठन आयोग के सुपर्द कर दिया। इधर, 2017 में भाजपा के पुन: सत्तासीन होने के बाद नये जिलों के अस्तित्व में आने की उम्मीद लोगों को थी, लेकिन सरकार का कार्यकाल समाप्ति की कगार पर पहुंचने बावजूद घोषित जिलों को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पाया है।

यह लोग रहे मौजूद-

वही लोगों ने जल्द जिले का गठन नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। इस दौरान कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक करन माहरा सहित विभिन्न संगठनों के सदस्य भी शामिल हुए। वही जुलूस प्रदर्शन में संघर्ष समिति के संयोजक डीएन बड़ोला, ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत सहित तमाम लोग मौजूद रहे।