रुद्रप्रयाग: केदारनाथ क्षेत्र में भवनों के सत्यापन को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो और भ्रामक खबरों पर जिला प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
स्पष्ट की स्थिति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रशासन ने साफ किया है कि केदारनाथ विकास प्राधिकरण (केडीए) द्वारा भवन एवं भूमि अभिलेखों के सत्यापन के लिए जारी नोटिसों का प्रस्तावित ‘केदारनाथ रोपवे परियोजना’ से कोई संबंध नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, केदारनाथ विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में बने और बन रहे आवासीय व अनावासीय भवनों के मानचित्र और भू-अभिलेखों की जांच एक नियमित प्रक्रिया है। इसी क्रम में प्राधिकरण ने 31 अक्टूबर 2025 और 31 अगस्त 2026 को पत्र जारी कर भवन स्वामियों से खाता-खतौनी, खसरा नकल, भू-स्वामित्व दस्तावेज और स्वीकृत मानचित्र जमा करने को कहा था। यह पूरी कार्यवाही ‘उत्तराखंड नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973’ तथा समय-समय पर संशोधित भवन निर्माण उपविधियों/विनियमों के तहत वैध अभिलेखों के सत्यापन के लिए की गई है।
की अपील
जिला प्रशासन ने मीडिया और सोशल मीडिया पर वीडियो या खबरें प्रसारित करने वालों से विशेष अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी नियमित प्रक्रिया को अन्य परियोजनाओं से जोड़कर पेश न करें। अधिकारियों ने कहा कि वास्तविक तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही समाचार प्रसारित किए जाएं। इसके साथ ही जनमानस से भी अपील की गई है कि वे इस मामले में सच्चाई से अवगत रहें और किसी भी तरह की भ्रामक धारणा या अफवाहों पर ध्यान न दें।