23 सितंबर: कल्कि द्वादशी आज, विष्णु के 10वें अवतार कल्कि की होती है पूजा, जानें किस भविष्यवाणी और विश्वास का प्रतीक पर्व है कल्कि जयंती

आज 23 सितंबर 2026 है। आज कल्कि द्वादशी है। जो एक हिंदू त्योहार है। कल्की द्वादशी 2026 बुधवार, 23 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। कल्की द्वादशी की तिथि भाद्रपद, शुक्ल द्वादशी है। हिंदू पुराणों के अनुसार, भगवान कल्कि भगवान विष्‍णु के दसवें अवतार होंगे।

भगवान विष्णु की पूजा का विधान

हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु को सृष्टि के पालनकर्ता माना गया है और उनके दस अवतारों को ‘दशावतार’ कहा जाता है। इन दस अवतारों में से कल्कि अवतार को अंतिम और भविष्य का अवतार माना गया है। जब संसार में अधर्म, पाप, अन्याय और अराजकता अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाएंगे, तब भगवान विष्णु कल्कि रूप में प्रकट होंगे और अधर्म का नाश करेंगे। कल्कि जयंती उसी भविष्यवाणी और विश्वास का प्रतीक पर्व है। यह दिन भगवान विष्णु के कल्कि अवतार के जन्म की स्मृति में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि कल्कि अवतार का जन्म कलियुग के अंत में पापियों का नाश और धर्म की पुर्नस्थापना करने के लिए होगा। कल्कि अवतार का चित्रण तीर कमान धारण किए हुए एक घुड़सवार के रूप में किया गया है। मान्यता है कि कलियुग के अंत में धर्म की रक्षा और बुराई के विनाश हेतु भगवान कल्कि का अवतरण होगा।

जानें शुभ मुहूर्त

इस शुभ दिन पर, भक्त असीम भक्ति और विश्वास के साथ भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और भगवान का आशीर्वाद मांगते हैं। यह दिन भगवान कल्कि से सभी बुरे कार्यों या पापों की क्षमा मांगने के लिए मनाया जाता है। वर्ष 2026 में कल्कि द्वादशी 23 सितंबर 2026, बुधवार के दिन मनाई जाएगी।

पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 05:47 से 08:12 बजे तक (अवधि: 2 घंटे 25 मिनट)
द्वादशी तिथि प्रारंभ: 22 सितंबर 2026 को रात्रि 09:43 बजे
द्वादशी तिथि समाप्त: 23 सितंबर 2026 को रात्रि 10:50 बजे