उत्तराखंड: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है।
की यह पहल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके तहत प्रदेश भर के स्कूलों में कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों का ‘दक्षता आधारित आकलन टेस्ट’ आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद विभाग ने पहली बार इस प्रकार की विशेष परीक्षा का आयोजन किया है। सीएम के निर्देश के बाद शिक्षा सचिव ज्योति यादव की पहल पर यह व्यवस्था लागू की गई है, ताकि प्रत्येक बच्चे के लर्निंग आउटकम (सीखने की क्षमता) का सही आकलन किया जा सके।
किया जाएगा मूल्यांकन
परीक्षा प्रणाली को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त समयसीमा तय की गई है। जिसमें परीक्षा के तुरंत बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा किया जाएगा। विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) के ऑनबोर्ड प्रगति चैटबॉट पर परिणाम अपलोड करना अनिवार्य होगा। उत्तर पत्रकों और संकलन शीट का भौतिक सत्यापन सीआरपी, बीआरपी और विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। समय पर परिणाम अपलोड न होने पर सीधे संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी तय होगी।मूल्यांकन के बाद शिक्षकों को यह स्पष्ट हो जाएगा कि विद्यार्थी किन विषयों या दक्षताओं में पीछे रह गए हैं। ऐसे बच्चों के सीखने के स्तर को सुधारने के लिए विशेष सुधारात्मक शिक्षण अनिवार्य रूप से शुरू कराया जाएगा।