राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर गृह मंत्रालय सख्त, जारी की गाइडलाइन ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ के क्रम को लेकर राज्यों को भेजा स्पष्ट प्रोटोकॉल

​देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं।‌ एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। केंद्र सरकार ने देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान सुनिश्चित करने और उनसे जुड़े प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करवाने के लिए एक अहम कदम उठाया है।

जारी किए यह दिशा निर्देश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों और केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों को इस संबंध में नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिस पर गृह मंत्रालय द्वारा 9 जुलाई को जारी आधिकारिक पत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि कार्यक्रमों में राष्ट्रीय प्रतीकों को प्रस्तुत करने का क्रम क्या होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि “जब भी किसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम) और राष्ट्रगान (जन गण मन) दोनों को प्रस्तुत किया जा रहा हो, तो हमेशा राष्ट्रीय गीत पहले गाया या बजाया जाएगा। इसके ठीक बाद राष्ट्रगान की प्रस्तुति अनिवार्य होगी।” साथ ही जिन राज्यों का अपना आधिकारिक ‘राज्य गीत’ है, उनके लिए भी मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। इन राज्यों में भी यदि राज्य गीत गाया जाता है, तो भी ‘राष्ट्रीय गीत पहले और राष्ट्रगान अंत में’ की व्यवस्था का ही पालन करना होगा।आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत गाते समय शब्दों का सही पाठ, लय और उच्चारण बिल्कुल सटीक होना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।


​वेबसाइट पर उपलब्ध है शुद्ध पाठ

​प्रोटोकॉल का पालन आसान बनाने और भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए, गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत का एकदम सही पाठ और उच्चारण अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।