देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। भारत की बहुप्रतीक्षित जनगणना को लेकर जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने अहम घोषणाएं की हैं।
दी यह जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि साल 2027 में होने वाली यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होगी। इस बार की प्रक्रिया को चार मुख्य चरणों में बांटा गया है, जिसमें तकनीक और सटीकता पर विशेष जोर दिया गया है। बताया कि जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। इसे ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ कहा जाएगा। इसका उद्देश्य देश में घरों की स्थिति और बुनियादी सुविधाओं का डेटा जुटाना है। सरकार की ओर से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे
लिव-इन में रह रहे जोड़ों को भी शादीशुदा माना जाएगा, बशर्ते कपल यह स्वीकार करे कि उनका रिश्ता लंबे समय तक चलने वाला है। स्व-गणना के लिए ऑनलाइन पोर्टल और नागरिकों की सहायता हेतु FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) की सुविधा दी गई है। लगभग 30 लाख कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा एकत्र करेंगे। पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस रखा जाएगा ताकि डेटा प्रोसेसिंग में तेजी और पारदर्शिता आए।
चार चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
जनगणना आयुक्त के अनुसार, डेटा जुटाने और उसे सत्यापित करने के लिए निम्नलिखित चरण तय किए गए हैं।
• प्रथम चरण (Self Enumeration): नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे।
• द्वितीय चरण (Physical Verification): चुनाव कर्मचारी घर-घर जाकर नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।
• तृतीय चरण (Cross-Checking): सुपरवाइजर डेटा को क्रॉसचेक करेंगे। हर 6 चुनाव कर्मियों पर एक सुपरवाइजर नियुक्त होगा।
• चतुर्थ चरण (Personal Detail): अंतिम चरण में वोटर्स की व्यक्तिगत और विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।