उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा समापन की ओर है। जिसमें विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम, गंगोत्री धाम व यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गये है। वहीं बद्रीनाथ धाम के कपाट नवंबर में शीतकाल के लिए बंद होंगे।
जारी किए आदेश
जिसके बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा शुरू होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसके लिए सरकार ने इस शीतकालीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के लिए यात्रियों को खास तोहफा दिया है। जिसमें गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) ने श्रद्धालुओं के लिए अपने होटलों में 50 प्रतिशत किराया छूट देने की घोषणा की है। यह छूट उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में जीएमवीएन के सभी अतिथि गृहों और आवासीय इकाइयों पर लागू रहेगी। इस संबंध बीते मंगलवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जीएमवीएन के निदेशक प्रत्यूष सिंह ने आदेश जारी किए हैं।
की जाती है शीतकालीन पूजा
दरअसल शीतकालीन चारधाम यात्रा के तहत उत्तरकाशी जिले के खरसाली गांव में यमुनोत्री धाम, जबकि मुखवा गांव में गंगोत्री धाम की पूजा-अर्चना की जाती है। वहीं रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान केदारनाथ की पूजा होती है। जबकि चमोली जिले के ज्योर्तिमठ स्थित नृसिंह मंदिर में आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और पाण्डुकेश्वर मंदिर में भगवान बदरीनाथ की शीतकालीन पूजा की जाती है।