उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। समय के साथ लोगों की जीवनशैली में तेजी से बदलाव हो रहा है। जिससे सबसे ज्यादा युवा वर्ग शामिल हैं। शहरों की दुनिया, नौकरी, खान-पान हमारी सेहत में इसका काफी प्रभाव पड़ रहा है।
युवाओं में बढ़ रही समस्याएं
ऐसे में अस्पतालों में 18 से 35 वर्ष के युवा बड़ी संख्या में अस्पताल अलग-अलग समस्या लेकर पंहुच रहें हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देहरादून के अस्पताल के एक फिजिशियन डा. केपी जोशी ने इस स्थिति को चिंताजनक बताया है। उन्होंने बताया है कि अस्पतालों में 18 से 35 वर्ष के युवा बड़ी संख्या में थकान, मोटापा, हार्ट अटैक, शुगर और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जिस पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ स्वास्थ्य नहीं, बल्कि देश के भविष्य पर भी सीधा खतरा है। स्वस्थ युवा ही स्वस्थ भारत की नींव हैं। बीमार होती युवा पीढ़ी सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय संकट है। समय रहते चेतना ही इसका सबसे बड़ा इलाज है।
अच्छी जीवनशैली बेहद जरूरी
एक प्रेस वार्ता के दौरान डा. जोशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में युवाओं में मेटाबोलिक सिंड्रोम, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, और किडनी से जुड़ी समस्याएं बहुत तेजी से बढ़ी हैं। छोटे-छोटे काम करने में थकावट, बार-बार बीमार पड़ना, और मानसिक तनाव अब आम शिकायतें बन चुकी हैं। कहा यह हमारी दिनचर्या और खानपान की बिगड़ी हुई दशा का परिणाम हैं। कहा कि अब समय आ गया है कि युवा खुद को जागरूक करें। अच्छी जीवनशैली अपनाएं।
अपनाए अच्छी आदतें
• सुबह की सैर और योग को आदत बनाएं।
• पैकेज्ड फूड की बजाय घर का ताजा खाना खाएं।
• नींद पूरी करें, तनाव कम करें।
• स्क्रीन टाइम सीमित करें।
• परिवार और दोस्तों के साथ संवाद बढ़ाएं
• परिवार के समय बिताएं। बुरी आदतें जैसे धुम्रपान, शराब, नशा छोड़े।