उत्तराखंड: मधुमक्खी व सांप के बाद अब नीलगाय व सियार के हमले पर भी मिलेगा मुआवजा, शासन‌ को भेजा प्रस्ताव

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक वन्य जीवों की आमद बढ़ने लगी है। जो एक बड़ा चिंता का विषय है। इसी बीच एक जरूरी खबर सामने आई है।

यह वन्य जीव भी होंगे शामिल

प्रदेश में भालु, गुलदार और बाघ के हमलो में लोग अपनी जान गंवा देते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बीच सरकार वन्यजीवों के हमले में घायल होने या मृत्यु पर दी जाने वाली अनुग्रह राशि में कुछ और जंगली जानवरों को भी शामिल करने जा रही है। इनमें जैकाल प्रजाति के सियार या गीदड़ के साथ नीलगाय को भी शामिल किया जाएगा। उत्तराखंड में मानव वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण निधि नियमाविली-2024 के नियम सात के उपनियम (1) में अभी तक बाघ, गुलदार, हिम तेंदुआ, जंगली हाथी, लकड़बग्घा, जंगली सूअर, मगरमच्छ, सांप, मधुमक्खी, ततैया, लंगूर एवं बंदर जैसे वन्य जीव शामिल हैं। इनमें हमले में मृत्यु होने, घायल होने या विकलांग होने पर आश्रितों या प्रभावित व्यक्ति को अनुग्रह राशि दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन अब सियार-गीदड़ और नीलगाय को भी शामिल किया जाएगा। बीतें दिनों प्रस्ताव को उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 22वीं बैठक में मंजूरी प्रदान की गई है।

कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। जिसे शीघ्र ही मंजूरी के लिए कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा।