उत्तराखंड: सावधान: इयरबड्स के ज्यादा इस्तेमाल से कानों में पड़ रहा बुरा असर, सुनने की क्षमता हो रहीं खत्म, आप भी न करें यह गलती

आज के समय में मोबाइल के इस्तेमाल के साथ ही इयरफोन, इयरबड्स के इस्तेमाल भी काफी बढ़ गये है। इससे मोबाइल फोन या टैबलेट से इयरबड्स को कनेक्ट करके हम फिल्म, गाने आदि सुनते हैं।

ज्यादा इस्तेमाल न करें इयरबड्स

लेकिन इनका ज्यादा इस्तेमाल भी हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। आधुनिक तकनीकी से जुड़ते हुए प्रत्येक आयु वर्ग का व्यक्ति इसका जमकर उपयोग कर रहा है। मार्निंग वाक से लेकर रात को सोने तक लोग इसका काफी इस्तेमाल किया जाने लगा है। लेकिन इसकी आदत कानों के लिए खतरनाक है और इयरबड्स के लगातार इस्तेमाल से सुनने की क्षमता कम हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय की ईएनटी सर्जन डा. कविता लोहनी ने इस संबंध में एक कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी। जिसमें उन्होंने बताया कि इयरबड्स से निकलने वाली आवाज काफी तेज होती है। जो कान की आंतरिक संरचना में बने पाथवे को प्रभावित करती है। इससे कान के हेयर सेल्स और नशों पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में लोगों को इयरबड्स के प्रयोग से बचने या बेहद जरूरी होने पर सीमित समय के लिए इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

कानों के लिए खतरा

रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले हल्द्वानी क्षेत्र का ही एक मामला अस्पताल में आया था। जिसमें बच्चा रातभर कान में इयरबड्स लगाकर सो गया और उसमें संगीत बजता रहा। सुबह जब बच्चा उठा तो उसे कुछ सुनाई नहीं दिया। जिसके बाद परिवार वाले उसे अस्पताल लेकर आए। जांच करने पर पता चला की कान खराब हो चुका है। अभी तक उसकी श्रवण शक्ति नहीं लौटी है। बताया कि इयरबड्स का अधिक प्रयोग करने से टिनिटस की समस्या हो सकती है। इसमें एकांत में होने पर भी कान में कुछ आवाजें सुनाई देने का भ्रम होता है। साथ ही कान में हवा नहीं जा पाती ऐसे में फंगस भी हो सकता है। जिससे खुजली की समस्या हो सकती है।